Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Sep, 2026 05:52 PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में 'विकसित भारत' का नेतृत्व करे तथा इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है।
नेशनल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में 'विकसित भारत' का नेतृत्व करे तथा इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है। शाह ने कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए मोदी सरकार देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ठीक वैसे ही जैसे उसने नक्सलवाद और आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि 2029 तक 'मादक पदार्थ मुक्त भारत' के लक्ष्य के तहत केंद्र ने नशीले पदार्थों की तस्करी से लेकर वित्तपोषण एवं पीड़ितों के पुनर्वास तक समूचे मादक पदार्थ नेटवर्क को ध्वस्त करने की समन्वित राष्ट्रव्यापी रणनीति अपनाई है।
शाह ने यहां मादक पदार्थ पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रेसवार्ता में कहा, ''नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे।'' इस बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गृह मंत्रालय के अधिकारी एवं राज्य सरकार के सरकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा, ''2014 से पहले मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अधिकतर छोटी इकाइयों द्वारा और अलग-थलग रहकर लड़ी जाती थीं। एजेंसियां अक्सर छोटे-मोटे आरोपियों को पकड़कर ही संतुष्ट हो जाती थीं। हमारी सरकार इस लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से प्राथमिकता बना रही है।''
शाह ने कहा, ''सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खास तौर पर मादक पदार्थ कार्यबल (एएनटीएफ) बनाए गए और स्थानीय पुलिस को राष्ट्रीय रणनीति से जोड़ा गया है।'' उन्होंने कहा कि 2019 में एक संयुक्त समन्वय समिति भी बनाई गई थी, ताकि केंद्रीय एजेंसियां और राज्य सरकार मिलकर बड़े मादक पदार्थ नेटवर्क, उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्क आदि के खिलाफ संयुक्त निर्णय ले सकें। शाह ने कहा कि सरकार राजनीतिक इच्छाशक्ति, आपसी तालमेल के साथ कानून लागू करने और मादक पदार्थों की लत को रोकने एवं पीड़ितों के पुनर्वास के उपायों के जरिए 'नशा-मुक्त भारत 2029' का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में, आतंकवाद में कमी आने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रगति और विकास की राह पर है तथा वहां आतंकवाद धीरे-धीरे खत्म होने के करीब है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अलगाववाद की भावना कम हुई है।
उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपति तक 'लाल' (माओवादी) गलियारा बनाने का सपना देखा था, उन्होंने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।'' पूर्वोत्तर का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2019 से अब तक 14 बड़े शांति समझौते हुए हैं और लगभग 11,000 हथियारबंद युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। शाह ने कहा कि पांच दशकों तक चला नक्सलवाद अब अतीत की बात हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ''हमने नक्सलवाद को खत्म कर दिया है और मादक पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे।''