Brain Cancer Symptoms: ब्रेन कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? इन 10 शुरुआती लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 06:30 PM

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Brain Cancer Symptoms: कैंसर की दुनिया में ब्रेन कैंसर को सबसे गंभीर और डरावनी बीमारियों में से एक माना जाता है। इसे मेडिकल भाषा में ब्रेन ट्यूमर भी कहते हैं। सरल शब्दों में समझें तो यह हमारे दिमाग की कोशिकाओं या उसके आसपास की नसों और ग्रंथियों...

 Brain Cancer Symptoms: कैंसर की दुनिया में ब्रेन कैंसर को सबसे गंभीर और डरावनी बीमारियों में से एक माना जाता है। इसे मेडिकल भाषा में ब्रेन ट्यूमर भी कहते हैं। सरल शब्दों में समझें तो यह हमारे दिमाग की कोशिकाओं या उसके आसपास की नसों और ग्रंथियों (जैसे पिनियल ग्लैंड) में पनपने वाला एक अनियंत्रित विकास है। जब यह ट्यूमर केवल दिमाग तक सीमित रहता है, तो इसे 'प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर' कहते हैं, लेकिन यदि यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने लगे, तो इसे 'मेटास्टेटटिक ट्यूमर' कहा जाता है।

ब्रेन कैंसर की सबसे खतरनाक बात इसकी रफ्तार है; यह दिमाग के स्वस्थ टिशूज को बहुत तेजी से नष्ट करने लगता है, इसलिए इसकी समय पर पहचान ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।

बीमारी के साधारण लेकिन गंभीर संकेत

ब्रेन कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि ट्यूमर कितनी तेजी से बढ़ रहा है, जिसे 'ट्यूमर ग्रेड' कहा जाता है। शुरुआत में कुछ सामान्य लक्षण दिख सकते हैं जिन्हें अक्सर हम मामूली समझकर टाल देते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है लगातार और असहनीय सिरदर्द, जो अक्सर सुबह के समय ज्यादा दबाव महसूस कराता है। इसके अलावा, बिना किसी कारण के जी मिचलाना, उल्टी आना और हर समय थकान महसूस होना भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

जैसे-जैसे ट्यूमर बढ़ता है, शरीर के अन्य अंगों पर इसका असर दिखने लगता है। आंखों से धुंधला दिखना या एक ही चीज का दो-दो दिखना (डबल विजन), सुनने में दिक्कत होना और अचानक से दौरे पड़ना इसके गंभीर लक्षण हैं। कई बार व्यक्ति को चलने-फिरने में संतुलन बनाने में परेशानी होती है या शरीर के किसी एक हाथ या पैर में कमजोरी महसूस होने लगती है। मानसिक स्तर पर भी बदलाव आते हैं, जैसे याददाश्त कमजोर होना, हर बात में कंफ्यूजन और स्वभाव या व्यक्तित्व का पूरी तरह बदल जाना।

दिमाग के हिस्से और लक्षणों का गहरा संबंध

दिमाग का हर हिस्सा शरीर के अलग काम को कंट्रोल करता है, इसलिए ट्यूमर जहाँ होता है, लक्षण भी वैसे ही नजर आते हैं:

  • दिमाग का अगला हिस्सा: यहां ट्यूमर होने पर सोचने की क्षमता और शरीर के मूवमेंट पर असर पड़ता है। व्यक्ति अक्सर चीजें भूलने लगता है और अपना संतुलन खो देता है।

  • दिमाग का मध्य हिस्सा: यह हिस्सा हमारी इंद्रियों (स्वाद, गंध, स्पर्श) को प्रोसेस करता है। यहां ट्यूमर होने पर देखने और सुनने में भारी कठिनाई होती है।

  • दिमाग का पिछला हिस्सा: चूंकि यह हिस्सा हमारी दृष्टि (Vision) को नियंत्रित करता है, इसलिए यहाँ ट्यूमर होने से देखने की शक्ति कम हो सकती है या पूरी तरह जा सकती है।

  • दिमाग का निचला हिस्सा: यह मेमोरी का केंद्र है। यहां कैंसर होने पर याददाश्त तो जाती ही है, साथ ही व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखने या सुनाई देने लगती हैं जो असल में होती ही नहीं हैं (Hallucinations)। इसके अलावा, अचानक भूख बढ़ना और वजन बढ़ना भी इसी हिस्से में ट्यूमर का संकेत हो सकता है।

कब है डॉक्टर के पास जाने का सही समय?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से एक या दो लक्षण भी लगातार कई दिनों तक महसूस हो रहे हैं, तो इसे सामान्य सिरदर्द या थकान समझकर नजरअंदाज न करें। वक्त रहते डॉक्टर से मिलकर सही जांच करवाना ही जान बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

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