'वह अब हिमालय का हिस्सा', एवरेस्ट पर ही रहेगा हैदराबाद के पर्वतारोही अरुण कुमार तिवारी का शव; परिवार का फैसला

Edited By Updated: 27 May, 2026 10:50 PM

hyderabad mountaineer arun kumar tiwari s body will remain on everest

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट से पिछले सप्ताह उतरते समय जान गंवाने वाले तेलंगाना के पर्वतारोही अरुण कुमार तिवारी के परिवार ने शव को पर्वत पर ही छोड़ने का फैसला किया है। तिवारी के संबंधी सुधीर उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय आस्था और शव को वापस...

नेशनल डेस्कः दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट से पिछले सप्ताह उतरते समय जान गंवाने वाले तेलंगाना के पर्वतारोही अरुण कुमार तिवारी के परिवार ने शव को पर्वत पर ही छोड़ने का फैसला किया है। तिवारी के संबंधी सुधीर उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय आस्था और शव को वापस लाने में आने वाली तकनीकी जटिलताओं के कारण लिया गया। 
PunjabKesari
उन्होंने बुधवार को मीडिया को बताया, "वह (तिवारी) वहां हैं जहां भगवान शिव रहते हैं। शव को जब तक लाया जाएगा तब तक वह बहुत बुरी तरह खराब हो चुका होगा। एवरेस्ट पर इस तरह के अभियान सफल नहीं माने जाते।"
PunjabKesari
नेपाल स्थित 'पायनियर एडवेंचर्स' के निदेशक निवेश कार्की के अनुसार, तिवारी (53) की मौत पिछले सप्ताह शिखर के ठीक नीचे हिलेरी स्टेप के पास उस समय हुई, जब चार शेरपा पर्वतारोहियों की सहायता से उतरते समय उनकी तबीयत खराब हो गई थी। तिवारी एक कुशल पर्वतारोही थे और हैदराबाद की एक प्रमुख आईटी कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर थे। उन्होंने अतीत में माउंट एल्ब्रस (रूस), माउंट डेनाली (अमेरिका) और माउंट एकोनकागुआ (अर्जेंटीना) पर चढ़ाई की थी।
PunjabKesari
सूत्रों के अनुसार, एवरेस्ट पर हिलेरी स्टेप से शव को नीचे लाना जोखिम भरा और बेहद खर्चीला अभियान है क्योंकि इसके लिए आठ से बारह कुशल शेरपाओं की टीम और बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। शिखर के पास लगभग 8,790 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिलेरी स्टेप 'डेथ जोन' में आता है, जहां ऑक्सीजन की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। तिवारी को 'बूट्स एंड क्रैम्पॉन' नामक भारतीय कंपनी द्वारा प्रशिक्षित किया गया था, जो दुनिया भर में अभियान और पर्वतारोहण आयोजित करती है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!