पहले CEC का इस्तीफा हो, फिर सत्रावसान कर परिसीमन पर सर्वदलीय संवाद शुरू करे सरकार : कांग्रेस

Edited By Updated: 12 Oct, 2026 11:32 AM

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कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को संसद के दोनों सदनों का ''गरिमापूर्ण ढंग से'' सत्रावसान कर परिसीमन के मुद्दे पर आगे की राह तय करने के लिए वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इससे पहले सरकार को...

नई दिल्ली : कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को संसद के दोनों सदनों का ''गरिमापूर्ण ढंग से'' सत्रावसान कर परिसीमन के मुद्दे पर आगे की राह तय करने के लिए वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इससे पहले सरकार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए। 

रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के 60 दिन बाद भी उसका सत्रावसान नहीं किया गया है और इस मामले में पिछला रिकॉर्ड काफी पहले टूट चुका है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले मानसून सत्र के सत्रावसान में सबसे लंबी देरी 2015 में हुई थी। तब इसमें 28 दिन लगे थे। 

कांग्रेस नेता ने कहा, 'मोदी सरकार को अब गरिमापूर्ण ढंग से दोनों सदनों का सत्रावसान करना चाहिए और परिसीमन को लेकर आगे की राह पर वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए जिसकी मांग विपक्ष के नेता बार-बार करते रहे हैं।' रमेश ने आरोप लगाया कि 'निवर्तमान' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की लोकसभा में 'महाकलंकित दो-तिहाई बहुमत' जुटाकर परिसीमन से संबंधित सरकार के 'खतरनाक विधेयकों' को पारित कराने की कोशिश विफल हो गई है। 

उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई सहयोगी दल भी इन विधेयकों का विरोध करते रहे हैं और उन्होंने अब 'नया साहस' दिखाया है। कांग्रेस महासचिव ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के 'मंसूबे' को विपक्ष की एकता और एकजुटता के कारण 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में 'करारी शिकस्त' मिली थी। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों में टूट कराए जाने के बावजूद विपक्ष की एकता बरकरार है। 

रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को निलंबित किया जाना चाहिए और चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली में जनता के विश्वास को 'बहुत बुरी तरह कमजोर' किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, 'अंततः संविधान की जीत होगी और जनता का संकल्प विजयी होगा।' 

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