Edited By Radhika,Updated: 27 Jul, 2026 11:12 AM

देशभर के केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैठकों, सम्मेलनों और कैंटीन में जल्द ही एक नया चाय ब्रांड नजर आ सकता है। भारी उद्योग मंत्रालय ने आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकारी कंपनी 'एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड' (AYCL) को मदद पहुंचाने के लिए नई पहल शुरु की...
नेशनल डेस्क: देशभर के केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैठकों, सम्मेलनों और कैंटीन में जल्द ही एक नया चाय ब्रांड नजर आ सकता है। भारी उद्योग मंत्रालय ने आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकारी कंपनी 'एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड' (AYCL) को मदद पहुंचाने के लिए नई पहल शुरु की है। इसके तहत मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालय और सरकारी विभागों से अपील की है कि वे अपने सभी इवेंट्स में परिसरों में 'यूल टी' (Yule Tea) का उपयोग करें।
सभी विभागों को सरकारी चाय का ब्रांड का इस्तेमाल करने के लिए किया प्रोत्साहित
मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सभी विभागों से अपने अधीनस्थ संगठनों को इस सरकारी चाय ब्रांड का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। अगर यह कदम एक बड़े पैमाने पर लागू होता है तो इससे चाय कंपनी को एक स्थिर और संस्थागत मार्केट मिलेगी। जानकारी के लिए बता दें कि 'एंड्रयू यूल एंड कंपनी' असम और पश्चिम बंगाल में स्थित 15 चाय बागानों का स्वामित्व और प्रबंधन संभालती है। इसी के साथ यह ब्रांड प्रीमियम क्वालिटी की ऑर्थोडॉक्स, CTC, ग्रीन और फ्लेवर्ड चाय प्रोडक्शन करती है।
क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत?
हाल ही में उद्योग संबंधी संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee on Industry) ने सिफारिश की थी कि सरकार को AYCL के उत्पादों की बिक्री और उपयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के साथ तालमेल बिठाना चाहिए। इसी सिफारिश के आधार पर भारी उद्योग मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों को यह सुझाव भेजा है।