ChatGPT और Gemini की छुट्टी! भारतीय AI ने रच दिया इतिहास, देखकर दुनिया भी हैरान

Edited By Updated: 09 Feb, 2026 04:57 PM

chatgpt and gemini are out of the picture indian ai has made history leaving

जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा होती है तो आमतौर पर अमेरिका और चीन की बड़ी टेक कंपनियों के मॉडल्स का नाम सामने आता है, लेकिन बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI ने इस सोच को बदल दिया है। भारत में ही फाउंडेशनल AI मॉडल्स तैयार कर रही यह कंपनी अब...

नेशनल डेस्क: जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा होती है तो आमतौर पर अमेरिका और चीन की बड़ी टेक कंपनियों के मॉडल्स का नाम सामने आता है, लेकिन बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI ने इस सोच को बदल दिया है। भारत में ही फाउंडेशनल AI मॉडल्स तैयार कर रही यह कंपनी अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रही है। हाल ही में इसके दो टूल्स Sarvam Vision और Bulbul ने अंतरराष्ट्रीय AI दुनिया में खास जगह बनाई है।

OCR के क्षेत्र में Sarvam Vision का शानदार प्रदर्शन
Sarvam Vision एक एडवांस्ड AI टूल है, जो ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन यानी OCR तकनीक पर काम करता है। इस तकनीक की मदद से डॉक्युमेंट्स, इमेज या स्कैन की गई फाइलों से टेक्स्ट को पढ़ा और समझा जाता है। Sarvam Vision ने कई अहम बेंचमार्क्स पर ChatGPT, Google Gemini और Anthropic Claude जैसे मशहूर AI मॉडल्स से बेहतर नतीजे दिए हैं, जिसकी जमकर सराहना हो रही है।


93.28 प्रतिशत सटीकता के साथ बनाया रिकॉर्ड
Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, Sarvam Vision ने OmniDocBench v1.5 के इंग्लिश सबसेट में 93.28 प्रतिशत की सटीकता हासिल की है। यह बेंचमार्क इस बात को परखता है कि कोई AI सिस्टम असली दुनिया के जटिल डॉक्युमेंट्स को कितनी अच्छी तरह समझ पाता है। इस टेस्ट में कठिन डिजाइन, तकनीकी टेबल और गणितीय फॉर्मूले भी शामिल होते हैं, जहां पारंपरिक OCR सिस्टम अक्सर कमजोर साबित होते हैं।


ग्लोबल लेवल पर मिली सराहना
Sarvam Vision की इस सफलता के बाद Sarvam AI को वैश्विक स्तर पर चर्चा मिल रही है। पहले कंपनी को केवल भारतीय भाषाओं पर फोकस करने को लेकर सवालों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब वही सवाल तारीफ में बदल चुके हैं। कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Sarvam का OCR और स्पीच मॉडल्स उन कमियों को पूरा कर रहे हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय AI सिस्टम्स लंबे समय से नजरअंदाज करते आए हैं।


यूजर्स के अनुभव ने बढ़ाया भरोसा
Sarvam AI को लेकर आम यूजर्स भी अपने सकारात्मक अनुभव साझा कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने Sarvam Vision का इस्तेमाल किया और यह टूल वास्तविक जरूरतों में काफी असरदार साबित हुआ। इससे साफ है कि यह तकनीक सिर्फ टेस्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक उपयोग में भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है।


Bulbul V3 से वॉयस AI में भी कदम
OCR के अलावा Sarvam AI ने टेक्स्ट-टू-स्पीच वॉयस मॉडल Bulbul V3 भी लॉन्च किया है। यह AI सिस्टम लिखे हुए टेक्स्ट को प्राकृतिक और स्पष्ट आवाज में बदलता है। कंपनी के अनुसार, Bulbul V3 उनका अब तक का सबसे सक्षम वॉयस मॉडल है, जिसे खासतौर पर भारतीय भाषाओं के लिए तैयार किया गया है। फिलहाल इसमें 11 भारतीय भाषाओं और 35 से अधिक वॉयस का सपोर्ट मौजूद है, और आगे इसमें और भाषाएं जोड़ी जाएंगी।


भारतीय AI की बढ़ती ताकत
Sarvam AI की यह कामयाबी दिखाती है कि भारत में विकसित AI मॉडल्स अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ी टेक कंपनियों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

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