Edited By Purnima Singh,Updated: 17 Jun, 2026 12:39 PM

दिल्ली का चतरपुर इलाका तेजी से बढ़ते निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण विकास का चेहरा तो बन रहा है, लेकिन इसी विकास की रफ्तार अब लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। 100 फीट रोड से लेकर आसपास के व्यावसायिक परिसरों तक हालात ऐसे बताए जा रहे...
नेशनल डेस्क : दिल्ली का चतरपुर इलाका तेजी से बढ़ते निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण विकास का चेहरा तो बन रहा है, लेकिन इसी विकास की रफ्तार अब लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। 100 फीट रोड से लेकर आसपास के व्यावसायिक परिसरों तक हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि किसी भी आपात स्थिति में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। ज्वलनशील सामान का भंडारण, बिजली के उलझे तार, पानी की अपर्याप्त व्यवस्था और आग से बचाव के जरूरी इंतजामों की कमी जैसी समस्याएं चिंता बढ़ा रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। चिंता केवल बाजारों और कॉम्प्लेक्स तक सीमित नहीं है। चतरपुर एन्क्लेव समेत कई रिहायशी इलाकों में संकरी गलियों के बीच ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी हो चुकी हैं, जहां आपातकालीन वाहनों की आवाजाही तक मुश्किल मानी जा रही है।
पार्किंग की कमी, जाम, लटकते बिजली के तार और बेहद संकरे रास्तों ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। नागरिकों का कहना है कि कई इमारतों में प्रवेश और निकास के पर्याप्त रास्ते नहीं हैं, जिससे किसी भी दुर्घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से व्यापक निरीक्षण, जवाबदेही तय करने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है, ताकि संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।