Edited By Harman,Updated: 23 Jan, 2026 11:14 AM

Chhattisgarh Steel Plant Accident: छत्तीसगढ़ के बालोदाबाजार जिले में एक स्टील प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने बिहार के गया जिले के 6 मजदूरों की जिंदगी छीन ली। कोयले की भट्टी में हुए जोरदार धमाके में बिहार के छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई,...
Chhattisgarh Steel Plant Accident: छत्तीसगढ़ के बालोदाबाजार जिले में एक स्टील प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने बिहार के गया जिले के 6 मजदूरों की जिंदगी छीन ली। कोयले की भट्टी में हुए जोरदार धमाके में बिहार के छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक जताया है। साथ ही मृतकों को दो-दो लाख रुपये तथा हादसे में घायल बिहार के मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छत्तीसगढ़ के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात एंड स्टील संयंत्र में हुए ब्लास्ट हादसे को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने हादसे में मारे गए बिहार के मजदूरों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा हादसे में घायल बिहार के मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना भी व्यक्त की है।
जानें कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि अचानक कोयले की भट्टी से घना धुआं निकलने लगा, जिसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने मजदूरों को बाहर निकलने का निर्देश दिया। हालांकि, सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने से पहले ही भट्टी में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। बालोदाबाजार की पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद कुल 11 मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायल मजदूरों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में अधिकांश बिहार और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन मृतकों व घायलों के परिजनों से लगातार संपर्क में हैं।
हादसे की जांच में जुटा प्रशासन
पुलिस ने बताया कि औद्योगिक हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भट्टी में धमाका किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।