किडनी फेल होने से 6 बच्चों की मौत, दो कफ सिरप Colddrif और Nextros DS पर लगा बैन

Edited By Updated: 01 Oct, 2025 01:57 PM

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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेलियर से 6 मासूम बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग को हड़कंप में डाल दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल में तुरंत अलर्ट जारी कर दो कफ सिरप - कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस- पर बैन लगा दिया गया है।

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेलियर से 6 मासूम बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग को हड़कंप में डाल दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल में तुरंत अलर्ट जारी कर दो कफ सिरप - कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस- पर बैन लगा दिया गया है।

जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनीष शर्मा ने बताया कि भोपाल शहर में इन दोनों सिरपों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ये दवाएं भोपाल के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सप्लाई नहीं की जातीं, लेकिन निजी मेडिकल स्टोरों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और वहां अभियान चलाकर इन सिरपों की बिक्री रोकी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस कदम को बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया है ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोबारा न हों।

जांच में पता चला है कि इन मौतों की वजह खतरनाक कफ सिरप थे, जिनमें डायएथिलीन ग्लायकॉल जैसे जहरीले तत्व पाए गए। इन सिरपों के सेवन के बाद बच्चों की किडनी धीरे-धीरे फेल हो गई, जिससे छह बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि कई बच्चे अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं।

20 सितंबर से शुरू हुई मौतों की लहर
इस त्रासदी की शुरुआत 20 सितंबर के बाद परासिया, उमरेठ, जाटाछापर और बड़कुही जैसे आसपास के इलाकों में हुई, जहां बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत पर स्थानीय डॉक्टरों से कफ सिरप दिए गए। परंतु कुछ दिनों के भीतर बच्चों की हालत गंभीर हो गई और उनका यूरिन आना बंद हो गया। तब उन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, बाद में कई को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया। इस दौरान 6 मासूमों ने दम तोड़ दिया।

कलेक्टर ने किया कफ सिरप पर तत्काल प्रतिबंध का ऐलान
छिंदवाड़ा के कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मौतों का कारण वही दो कफ सिरप - कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस-हैं, जिनमें डायएथिलीन ग्लायकॉल की मौजूदगी संदिग्ध है। इसी आधार पर दोनों सिरपों की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

वैज्ञानिक जांच में भी खुलासा
पुणे के वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट और आईसीएमआर की टीमों की जांच रिपोर्ट में किसी भी वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। बायोप्सी रिपोर्ट में यह संकेत मिले कि बच्चों की किडनी पर इन दवाओं के जहरीले प्रभाव के कारण गंभीर नुकसान हुआ है।

आपात बैठक में लिया गया फैसला
रविवार देर शाम जिला मुख्यालय में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन बैठक में चिकित्सा, पंचायत और ड्रग निरीक्षण विभाग के अधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद तत्काल कफ सिरप की बिक्री रोकने का निर्णय लिया गया।

माता-पिता और डॉक्टरों को प्रशासन की कड़ी चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों, चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित सिरपों का उपयोग या वितरण न करें। साथ ही परिजनों को सलाह दी गई है कि बच्चों का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों में कराएं और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।

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