Edited By Tanuja,Updated: 10 Jan, 2026 06:55 PM

तिब्बती बौद्ध मठ में एक चीनी पर्यटक द्वारा पवित्र वस्तुओं के अपमान का वीडियो वायरल होने से तीव्र आक्रोश फैल गया है। तिब्बतियों ने इसे जानबूझकर किया गया धार्मिक और सांस्कृतिक अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
International Desk: तिब्बती बौद्ध समुदाय में उस समय भारी आक्रोश फैल गया, जब चीनी सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक चीनी पर्यटक को तिब्बती बौद्ध मठ के भीतर पवित्र वस्तुओं का अपमान करते हुए देखा गया। यह जानकारी तिब्बती समाचार पोर्टल फायुल की रिपोर्ट में सामने आई है। वीडियो में दिखाया गया है कि पर्यटक मठ की वेदी पर रखे प्रसाद से सीधे तरल पदार्थ पीता है और फिर बचा हुआ पेय बटर लैम्प में डाल देता है। तिब्बती समुदाय ने इसे धार्मिक पवित्रता और सांस्कृतिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन बताया है। सोशल मीडिया पर तिब्बतियों ने इस हरकत को “निर्लज्ज उकसावा” और “सीधा अपमान” करार दिया।
एक तिब्बती सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा, “मठ कोई मंच नहीं हैं, जहां पर्यटक ध्यान खींचने या सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए प्रदर्शन करें।” उन्होंने न्यायिक एजेंसियों और साइबर पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। यूज़र ने कहा कि यह घटना किसी नियम की गलतफहमी नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया अपमान है। प्रसिद्ध तिब्बती लेखिका और कवयित्री त्सेरिंग वोएसर ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे तिब्बत में पर्यटकों के दुर्व्यवहार के प्रति लंबे समय से बरती जा रही प्रशासनिक नरमी का परिणाम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘कल्चरल टूरिज्म’ को बढ़ावा दिए जाने के कारण पर्यटक लगभग “अछूते” हो गए हैं, जबकि तिब्बती आस्था और परंपराओं का उल्लंघन बढ़ता जा रहा है।
वॉशिंगटन स्थित इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत (ICT) के रिसर्च प्रमुख भुचुंग के. त्सेरिंग ने भी चीनी अधिकारियों की चुप्पी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जहां आम तौर पर सेंसरशिप बहुत सख्त रहती है, वहीं इस गंभीर घटना पर अब तक किसी कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। तिब्बती समुदाय का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि उन पर्यटकों का भी अपमान हैं जो तिब्बत की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हैं।