Edited By Pardeep,Updated: 23 Aug, 2026 01:14 AM

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित एसके कॉलेज ऑफ नर्सिंग (SK College of Nursing) में एक मोबाइल फोन के गायब होने को लेकर पूर्वोत्तर के छात्रों और स्थानीय छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उसने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। इस हिंसक टकराव के दौरान दोनों...
काकीनाडाः आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित एसके कॉलेज ऑफ नर्सिंग (SK College of Nursing) में एक मोबाइल फोन के गायब होने को लेकर पूर्वोत्तर के छात्रों और स्थानीय छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उसने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। इस हिंसक टकराव के दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, चप्पलें और बाल्टियां तक चलीं। हालात को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अलग-अलग हॉस्टलों में स्थानांतरित करना पड़ा।
मोबाइल गायब होने से भड़की चिंगारी
जानकारी के अनुसार, घटना 21 अगस्त की है, जब हॉस्टल में पूर्वोत्तर के एक छात्र का मोबाइल फोन कथित तौर पर गायब हो गया था। इस बात को लेकर पूर्वोत्तर (जिसमें मणिपुर के छात्र भी शामिल हैं) और तेलुगु भाषी छात्रों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते एक बड़े हिंसक संघर्ष में बदल गई। इस विवाद के चलते हॉस्टल परिसर में भारी तनाव फैल गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस झड़प में पूर्वोत्तर के कुछ छात्रों को चोटें भी आई हैं और छात्रों को अपनी सुरक्षा के लिए हॉस्टल के कमरों के भीतर शरण लेनी पड़ी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मुख्यमंत्री की नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना की तुरंत समीक्षा की और वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले को बिना देरी किए सुलझाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए पूर्वोत्तर के छात्रों को एक अलग सुरक्षित आवास में भेज दिया है। इसके साथ ही, स्थिति और न बिगड़े, इसके लिए दूसरे राज्यों के 31 अन्य छात्रों को भी उनकी सहमति से एक अलग हॉस्टल में शिफ्ट किया गया है।
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ने की बात, तैनात की गई महिला पुलिस अधिकारी
इस घटना पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि उन्होंने इस संबंध में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संपर्क किया था। उन्होंने जानकारी दी कि छात्रों को सुरक्षित रूप से दूसरे भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है और रात की सुरक्षा के लिए उनके साथ एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) को तैनात किया गया है। इसके साथ ही बीरेन सिंह ने त्वरित कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा व कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का आभार व्यक्त किया।
स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कॉलेज और हॉस्टल परिसर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया है। इस बीच, मणिपुर और पूर्वोत्तर के छात्रों ने समय पर मदद करने और सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस और जिला प्रशासन की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया है।