सत्य निकेतन हादसे के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, घायलों का जाना हाल

Edited By Updated: 06 Sep, 2026 09:35 PM

cm rekha gupta visited the aiims trauma centre following the satya niketan accid

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न ढह गई। इस हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के मलबे में...

नेशनल डेस्क : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न ढह गई। इस हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एम्स ट्रामा सेंटर में घायलों का हालचाल जानने पहुंची है। 

पुलिस के अनुसार, मलबे से अब तक आठ लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से दो को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि तीसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस इमारत में एक बेसमेंट और ऊपर पांच मंजिलें थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था, तभी अपराह्न करीब 1:30 बजे इमारत ढह गई। इस इमारत के ढहने से कई वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए।

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था, जिससे इसकी नींव कमजोर हो गई थी, जिसके कारण इमारत ढह गई। दिल्ली में शुक्रवार से अच्छी खासी बारिश देखने को मिली है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह इमारत करीब 50 वर्ष पुरानी थी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम (जिसमें 70 कर्मी हैं) और एक श्वान दस्ता मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहा है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे पहुंचाए गए।

घटनास्थल पर दमकल की गाड़ियां भी तैनात की गई हैं। संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों वाले इस इलाके में कई छात्रावास और भोजनालय हैं। बेहद पास-पास बनी इमारतों और बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी के कारण अक्सर आने-जाने के लिए बहुत कम जगह बचती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में रहने वाले अधिकतर छात्र केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और पास में स्थित कॉलेजों में पढ़ते हैं। जब बचाव दल मलबे को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे तो स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी भी इस मुश्किल प्रयास में उनके साथ शामिल हो गए। उन्होंने अपने हाथों और उपलब्ध औजारों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की।

घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और सांसद बांसुरी स्वराज तुरंत मौके पर पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जमीनी हालत का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के महानिदेशक से बात की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''घायलों को हर जरूरी चिकित्सीय मदद दी जा रही है। सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।''

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुप्ता से बात की और उन्हें मदद की पेशकश की। एक अधिकारी ने बताया कि नयी दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त, दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और अतिरिक्त डीसीपी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस इमारत का नाम 'हॉस्टल डेज' था और इसका मालिक गुरुग्राम का रहने वाला है। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस की सात-आठ टीम इमारत के मालिक की तलाश कर रही हैं।

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