Edited By Radhika,Updated: 15 May, 2026 04:19 PM

तमिलनाडु के सीएम पद की कुर्सी संभालते ही थलापति विजय ने बड़े फैसले लेना शुरू कर दिया है। सीएम ने राज्य के आर्थिक संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना पहला औपचारिक पत्र लिखकर...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के सीएम पद की कुर्सी संभालते ही थलापति विजय ने बड़े फैसले लेना शुरू कर दिया है। सीएम ने राज्य के आर्थिक संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना पहला औपचारिक पत्र लिखकर तमिलनाडु के कपड़ा उद्योग (Textile Industry) को बचाने की गुहार लगाई है।
कपड़ा उद्योग पर मंडराते संकट को लेकर जताई चिंता
मुख्यमंत्री विजय ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कपास (Cotton) पर लगने वाले 11% आयात शुल्क (Import Duty) को तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने आगाह किया कि यदि जल्द ही कदम नहीं उठाए गए, तो राज्य का टेक्सटाइल सेक्टर ढह सकता है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा।
मुख्यमंत्री विजय के पत्र की मुख्य बातें
अपने पत्र में विजय ने बताया कि पिछले दो महीनों में कपास की कीमतें 25% तक बढ़ गई हैं (₹54,700 से ₹67,700 प्रति कैंडी)। वहीं कॉटन की कीमतें भी ₹301 से बढ़कर ₹330 प्रति किलो हो गई हैं। दरअसल तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक राज्य है। यहां यहाँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की लाखों महिलाएं इस क्षेत्र से जुड़ी हैं। कीमतों में वृद्धि के कारण उनकी नौकरियों पर तलवार लटक रही है। तमिलनाडु के सीएम ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आयात शुल्क को 11% से घटाकर 0% किया जाए।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकने की चुनौती
विजय ने पत्र में स्पष्ट किया कि उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग गतिविधियों के कारण कीमतें बढ़ी हैं। ऐसे में ड्यूटी-फ्री आयात ही एकमात्र रास्ता है जिससे तमिलनाडु का कपड़ा उद्योग वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बना रह सकता है और अपनी निर्यात प्रतिबद्धताओं (Export Commitments) को पूरा कर सकता है।