Edited By Yaspal,Updated: 14 Sep, 2023 06:23 AM

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के एक कर्नलल और एक मेजर शहीद हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया
नेशनल डेस्कः जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के एक कर्नलल और एक मेजर शहीद हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गाडोले इलाके में छिपे आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ आज सुबह शुरू हुई। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच शुरुआती गोलीबारी में कर्नल और पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘‘अनंतनाग के कोकेरनाग इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई है। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी घायल हो गए हैं। विवरण बाद में मुहैया कराया जाएगा।''
पाकिस्तान आर्मी अशांति फैलाने की कर रहा कोशिश
नॉर्दन आर्मी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा, “पाकिस्तान भारत में अशांति फैलाने के लिए विदेशी आतंकियों को भेजने की कोशिश कर रहा है। इस साल जम्मू-कश्मीर में 2.25 करोड़ पर्यटकों के आने की उम्मीद है और पाकिस्तान ऐसा होने से रोकने की कोशिश कर रहा है। हम पाकिस्तान को सफल नहीं होने देंगे।
#WATCH | On Rajouri encounter, the passing away of Indian Army dog Kent to save the life of his handler and terrorists incidents in Jammu region, Northern Army Commander Lieutenant General Upendra Dwivedi
"...Pakistan is trying to send foreign terrorists to create disturbance in… pic.twitter.com/OGQA065fJO
— ANI (@ANI) September 13, 2023
राजौरी में दो आतंकी ढेर, एक जवान शहीद
इससे पहले राजौरी में बुधवार को एनकाउंटर के दौरान सुरक्षा बलों ने एक और आतंकवादी को मार गिराया जिससे जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुदूरवर्ती गांव में तीन दिन से जारी अभियान के दौरान मारे गए आतंकवादियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। सुदूरवर्ती नारला गांव में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में एक संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया। गोलीबारी में सेना का एक जवान और सेना की श्वान इकाई की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट भी शहीद हो गई, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने कहा कि बुधवार को मुठभेड़ में एक और आतंकवादी को मार गिराया गया।

घने जंगल की आड़ में भाग निकले आतंकी
अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने राजौरी शहर से 75 किलोमीटर दूर इलाके के चारों ओर पूरी रात मजबूत घेराबंदी की और सुबह आस-पास के इलाकों में तलाशी बढ़ा दी गई । उन्होंने बताया कि रात में रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही जिससे स्थानीय निवासियों में भय बना रहा। स्थानीय निवासी क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा चौकी की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने सोमवार को पतराडा इलाके के वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया और दो लोगों की संदिग्ध गतिविधियां देखने के बाद कुछ गोलियां चलाईं। दोनों संदिग्ध अंधेरे और घने जंगल की आड़ में भाग निकले। वे अपने पीछे एक बैग, कुछ कपड़े और अन्य सामान छोड़ गए जिन्हें खोजी दलों ने बरामद कर लिया।
किश्तवाड़ जिले के शहीद राइफलमैन रवि कुमार के लिए बुधवार तड़के राजौरी में सेना चौकी में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। उपायुक्त (राजौरी) विकास कुंडल और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य रैंक के लोगों ने कुमार के ताबूत पर पुष्पचक्र अर्पित किए। पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को विमान से उनके गृहनगर ले जाया जा रहा है। जम्मू स्थित 16वीं कोर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘व्हाइट नाइट कोर ‘अभियान सुजलीगाला' के दौरान राइफलमैन रवि के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण और सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।''

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि मंगलवार की गोलीबारी के दौरान अपने हैंडलर (मालिक) को बचाने की कोशिश में सेना की एक बहादुर श्वान शहीद हो गई। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सेना की श्वान केंट अभियान सुजलीगाला में सबसे आगे थी। वह भाग रहे आतंकवादियों की निशानदेही के लिए सैनिकों के एक दल का नेतृत्व कर रही थी। वह भारी गोलीबारी में घिर गई। उसने भारतीय सेना की सर्वोत्तम परंपराओं को निभाया और अपने हैंडलर की रक्षा करते हुए अपनी शहादत दी।''
रियासी जिले के चसाना इलाके के पास के गली सोहाब गांव में चार सितंबर को एक आतंकवादी मारा गया था और दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में इस साल हुई मुठभेड़ में लगभग 26 आतंकवादी मारे गए और 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर आतंकवादी सीमा पार से इस ओर घुसने का प्रयास करते समय मारे गए।