राजस्थान: खांसी के सिरप ने ली 5 साल के मासूम की जान, दूसरा बच्चा गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर पड़ा

Edited By Updated: 30 Sep, 2025 03:57 PM

cough syrup killed 5 year old innocent another child fell on ventilator

राजस्थान के सीकर जिले में खांसी की निशुल्क सिरप पीने से 5 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। भरतपुर में इसी सिरप से एक बच्चा गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर है। अधिकारियों ने सिरप के एक बैच पर संदेह जताया है और सभी सरकारी अस्पतालों में इसके वितरण पर रोक...

नेशनल डेस्क : राजस्थान के सीकर जिले के खोरी ब्राह्मणान गांव में निशुल्क दवा योजना के तहत बच्चों को खांसी की सिरप बांटी जा रही थी। इस सिरप को पीने के बाद 5 साल का एक मासूम बच्चा रात में सो गया और सुबह उठा ही नहीं। उसे तुरंत एसके अस्पताल, सीकर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक कारण स्पष्ट होगा। मृतक बच्चे के चाचा बसंत शर्मा ने बताया कि रात तक सब सामान्य था, लेकिन 3:30 बजे बच्चे को हिचकी शुरु हुई फुर मां ने तुरंत पानी पिलाया। लेकिन सुबह बच्चा उठा ही नहीं। घटना के समय बच्चे के पिता झारखंड में होटल चला रहे थे और सूचना मिलने पर वे गांव लौटे।

भरतपुर में एक बच्चा वेंटिलेटर पर पड़ा 

भरतपुर जिले के कलसाड़ा गांव में 28 सितंबर को इसी सिरप के सेवन से 3 वर्षीय बच्चे गगन की तबीयत बिगड़ गई। बच्चा बेहोश हो गया और उसकी हृदय गति अनियंत्रित हो गई। उसे जयपुर के जेके लोन अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है। हालांकि, बच्चे का इलाज जारी है।

CHC प्रभारी भी बीमार

बयाना ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ताराचंद योगी ने भी इसी सिरप का सेवन किया, जिसके बाद उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जोगेंद्र गुर्जर ने बताया कि सिरप के एक बैच में समस्या की आशंका है। इसके चलते जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में इस बैच की आपूर्ति और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

सरकार ने शुरू की जांच

राज्य सरकार ने सिरप के उपयोग पर रोक लगा दी है और जांच के आदेश दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि सिरप की आपूर्ति करने वाली कंपनी की जिम्मेदारी तय की जाए।

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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भी सिरप पर रोक

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अगस्त से शुरू हुई वायरल फीवर के बीच अब तक 6 बच्चों की मौत हो चुकी है। यहां बच्चों में 'किडनी फेलियर' को मुख्य कारण माना जा रहा है। कलेक्टर ने ColdRif और Dextro-DS सिरप के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को केवल साधारण प्लेन सिरप ही उपलब्ध कराएं।


 

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