पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अफगान तालिबान के खिलाफ Open War का किया ऐलान, दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 11:10 AM

pakistani defense minister declares open war against afghan taliban

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव ने शुक्रवार को गंभीर रूप ले लिया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दक्षिणी शहर कंधार सहित कई इलाकों में हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान ने दावा किया...

इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव ने शुक्रवार को गंभीर रूप ले लिया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दक्षिणी शहर कंधार सहित कई इलाकों में हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर जवाबी हमला किया था। घटनाओं के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ 'ओपन वॉर' का ऐलान किया, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट आ गई।

पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान ने की थी जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि काबुल, पकतिया प्रांत और कंधार में तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने इस कार्रवाई को तालिबान की आक्रामक गतिविधियों का जवाब बताया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से हो रहे हमलों और हिंसा के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

काबुल और कंधार में दहशत का माहौल
हमलों के दौरान काबुल में करीब दो घंटे तक लड़ाकू विमानों की आवाज, तेज धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। कंधार में भी जेट विमानों की आवाज सुनी गई। कंधार को तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबातुल्लाह अखुंदजदा का गढ़ माना जाता है, इसलिए इस शहर में हमले की खबर ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।

तालिबान का जवाब और जमीनी संघर्ष
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जाबिहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ। दूसरी ओर, अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक जमीनी संघर्ष में उसके आठ सैनिक मारे गए। नंगरहार प्रांत के तोर्खम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास शरणार्थियों के एक कैंप में मोर्टार गिरने से सात लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पहले से बिगड़े हुए थे संबंध
दोनों देशों के बीच रिश्ते पिछले कई महीनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं। अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद कई सीमा चौकियां बंद कर दी गईं, हालांकि जरूरतमंद अफगान शरणार्थियों को सीमित रूप से आने-जाने की अनुमति दी गई है। लगातार बढ़ती झड़पों और आरोप-प्रत्यारोप ने हालात को और नाजुक बना दिया है।

अलग-अलग दावे, स्पष्ट आंकड़ों का अभाव
संयुक्त राष्ट्र के मिशन के अनुसार हालिया हमलों में कम से कम 13 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं तालिबान ने 18 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके ऑपरेशन में 80 से अधिक उग्रवादी मारे गए, लेकिन तालिबान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। इन विरोधाभासी दावों के कारण वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

इस्लामिक स्टेट-खोरासान की गतिविधियों से बढ़ी चिंता
क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट-खोरासान की गतिविधियों ने हालात को और जटिल बना दिया है। इस संगठन ने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हमले और काबुल में एक रेस्टोरेंट में आत्मघाती विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी। इन घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है।

संयम बरतने की अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने दोनों देशों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। फिलहाल पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और बड़े टकराव की आशंका बनी हुई है।

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