Edited By Parveen Kumar,Updated: 28 Feb, 2026 12:48 AM

अगर आपकी सुबह की शुरुआत सिर घूमने, आंखों के सामने अंधेरा छाने या अचानक कमजोरी महसूस होने से होती है, तो इसे सामान्य थकान समझकर टालना ठीक नहीं है। कभी-कभार ऐसा होना अलग बात है, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है तो यह शरीर के भीतर चल रही किसी...
नेशनल डेस्क : अगर आपकी सुबह की शुरुआत सिर घूमने, आंखों के सामने अंधेरा छाने या अचानक कमजोरी महसूस होने से होती है, तो इसे सामान्य थकान समझकर टालना ठीक नहीं है। कभी-कभार ऐसा होना अलग बात है, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है तो यह शरीर के भीतर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर यह परेशानी शरीर की पोजीशन अचानक बदलने से जुड़ी होती है।
अचानक उठते ही क्यों डगमगाता है संतुलन?
जब हम लेटी हुई अवस्था से सीधे खड़े हो जाते हैं, तो कुछ क्षणों के लिए दिमाग तक रक्त प्रवाह कम हो सकता है। इसी स्थिति को Orthostatic hypotension कहा जाता है। इसमें खड़े होते ही ब्लड प्रेशर गिर जाता है और व्यक्ति को चक्कर या हल्कापन महसूस हो सकता है। बुजुर्गों, कम पानी पीने वालों और कुछ विशेष दवाइयां लेने वालों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
सुबह चक्कर आने की बड़ी वजहें
शरीर में पानी की कमी : रातभर सोते समय शरीर में फ्लूइड कम हो जाता है। यदि दिनभर भी पर्याप्त पानी न पिया जाए तो सुबह उठते समय ब्लड प्रेशर गिर सकता है। ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन इस जोखिम को बढ़ा देता है।
लो ब्लड शुगर: सुबह खाली पेट रहने से कुछ लोगों में शुगर लेवल नीचे आ सकता है। डायबिटीज के मरीजों में दवा या इंसुलिन लेने के बाद हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति बन सकती है, जिससे घबराहट और चक्कर आते हैं।
दवाओं का असर : ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, डिप्रेशन या नींद की गोलियां शरीर की रक्तचाप नियंत्रण प्रणाली को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे सुबह उठते समय चक्कर आना संभव है।
नींद से जुड़ी समस्या : जिन लोगों को Sleep apnea होता है, उनकी रात में सांस रुक-रुक कर चलती है। इससे ऑक्सीजन स्तर प्रभावित होता है और सुबह भारीपन या चक्कर की शिकायत हो सकती है।
कान की अंदरूनी गड़बड़ी : भीतरी कान शरीर का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यदि वहां सूजन, संक्रमण या क्रिस्टल संबंधी समस्या हो जाए तो खड़े होते ही तेज चक्कर आ सकते हैं। इसके अलावा एनीमिया, माइग्रेन या न्यूरोलॉजिकल कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
बचाव के आसान उपाय
सुबह बिस्तर से झटके से उठने की बजाय पहले कुछ मिनट बैठें, फिर धीरे-धीरे खड़े हों। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और जागते ही एक गिलास पानी लेना फायदेमंद हो सकता है। रात में शराब और ज्यादा कैफीन से दूरी रखें। नियमित नाश्ता करें ताकि ब्लड शुगर स्थिर रहे।