Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Feb, 2026 04:27 PM

आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित नई राष्ट्रीय आय शृंखला के तहत चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन...
बिजनेस डेस्कः आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित नई राष्ट्रीय आय शृंखला के तहत चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की समूची अवधि में देश की अर्थव्यवस्था के 7.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है जबकि पहले इसका अनुमान 7.4 प्रतिशत लगाया गया था।
वार्षिक और तिमाही राष्ट्रीय आय के ये अनुमान नई राष्ट्रीय आय शृंखला के तहत जारी किए गए हैं। अब 2011-12 को आधार वर्ष मानने वाली पुरानी शृंखला की जगह 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाया गया है। आधार वर्ष वह अवधि होता है, जिसके दाम और उत्पादन स्तर को मानक मानकर आगे की वृद्धि दर की तुलना की जाती है। इसके साथ ही जुलाई-सितंबर 2025-26 की वृद्धि दर को संशोधित कर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 8.2 प्रतिशत आंकी गई थी।
हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही की वृद्धि दर को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है। आधार वर्ष में बदलाव से आर्थिक गतिविधियों के आकलन का दायरा व्यापक होता है और नई संरचना के अनुरूप आंकड़ों को अद्यतन किया जाता है। इससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को बेहतर तरीके से दर्शाया जा सकता है।