उच्चतम न्यायालय ने SIR में 'अनियमितताओं' संबंधी राहुल गांधी की याचिका पर EC को जारी किया नोटिस

Edited By Updated: 15 Oct, 2026 02:27 PM

court issues notice to ec on rahul gandhi plea regarding irregularities in sir

उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों से कथित रूप से 'बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं' को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा विपक्ष के कई अन्य नेताओं की याचिका पर निर्वाचन आयोग (EC) और अन्य पक्षों से...

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों से कथित रूप से 'बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं' को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा विपक्ष के कई अन्य नेताओं की याचिका पर निर्वाचन आयोग (EC) और अन्य पक्षों से बृहस्पतिवार को जवाब मांगा। न्यायालय ने SIR में कथित अनियमितताओं के विरोध में उच्चतम न्यायालय तक मार्च के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य को भी नोटिस जारी किए। 

इस दौरान न्यायालय ने कहा कि न्यायपालिका को कोई डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी को नोटिस जारी किए। पीठ ने कहा, 'हम नोटिस जारी कर रहे हैं... इस याचिका को पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ रहे हैं लेकिन हम एक याचिकाकर्ता से उसके आचरण के बारे में सवाल करना चाहेंगे।' 

सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता के उच्चतम न्यायालय तक मार्च करने का जिक्र किया। इस पर पीठ ने कहा, 'न्यायपालिका को कोई डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। हम जमीनी हकीकत से बेखबर नहीं हैं।' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अवमानना के एक मामले में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की ओर से बिना शर्त माफी मांगे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि बिना शर्त माफी मांगने का यह मतलब नहीं है कि उठाए गए कदमों का बचाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। 

पीठ ने मेहता से कहा कि वह अधिकारियों के न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगने संबंधी मीडिया की खबरों का संज्ञान नहीं ले रही। अवमानना का यह मामला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाएं 'पूरी तरह बंद नहीं करने' के उच्चतम न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर असदुद्दीन ओवैसी समेत कई नेताओं की ओर से दायर विभिन्न याचिकाओं पर केंद्र और अन्य पक्षों को भी नोटिस जारी किए। न्यायालय ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई करने पर सहमति जताई। 

राहुल गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने SIR से जुड़ी याचिका दायर करने के लिए सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च किया था। दिल्ली में SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कई प्रदर्शन हुए हैं। 

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