COVID-19 से ठीक हुए लोगों में कैंसर का खतरा, नई रिसर्च का दावा... तुरंत कराएं ये टेस्ट

Edited By Updated: 23 Mar, 2026 02:41 PM

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कोविड-19 का वह दौर आज भी किसी बुरे सपने की तरह याद आता है। अपनों को खोने का डर और अस्पताल की भाग-दौड़ के बीच जिन लोगों ने इस वायरस को मात दी, उन्होंने राहत की सांस तो ली, लेकिन अब एक नई स्टडी ने रिकवर हो चुके लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया रिसर्च...

नेशनल डेस्क:  कोविड-19 का वह दौर आज भी किसी बुरे सपने की तरह याद आता है। अपनों को खोने का डर और अस्पताल की भाग-दौड़ के बीच जिन लोगों ने इस वायरस को मात दी, उन्होंने राहत की सांस तो ली, लेकिन अब एक नई स्टडी ने रिकवर हो चुके लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन लोगों को कोविड या फ्लू का बहुत गंभीर संक्रमण हुआ था, उनके शरीर में भविष्य में कैंसर पनपने की गुंजाइश बन सकती है। यह खतरा उन लोगों के लिए ज्यादा बताया जा रहा है जिनकी स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

शरीर की सुरक्षा प्रणाली ही बन रही है दुश्मन?
आमतौर पर हमारे शरीर में मौजूद 'न्यूट्रोफिल्स' और 'मैक्रोफेज' जैसे रक्षात्मक सेल हमें बीमारियों से बचाते हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के कार्टर सेंटर की खोज बताती है कि गंभीर वायरल इंफेक्शन इन सेल्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देता है। ठीक होने के बाद भी ये सेल्स सामान्य नहीं हो पाते और शरीर में सूजन कम करने के बजाय उसे बढ़ाने लगते हैं। यही लंबे समय तक रहने वाली सूजन आगे चलकर ट्यूमर या कैंसर की गांठों के बनने की वजह बन सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो संक्रमण के दौरान फेफड़ों पर पड़ा गहरा असर ठीक होने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होता।

वैक्सीन और हल्के संक्रमण वालों को राहत
इस डराने वाली खबर के बीच एक राहत भरी बात भी सामने आई है। रिसर्च कहती है कि जिन लोगों ने समय पर वैक्सीन लगवा ली थी या जिन्हें संक्रमण के दौरान बहुत मामूली लक्षण महसूस हुए थे, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों में कैंसर का जोखिम नहीं बढ़ा है, बल्कि कुछ मामलों में तो वैक्सीन की वजह से यह खतरा और भी कम देखा गया। यानी यह खतरा मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के इर्द-गिर्द घूम रहा है जिनके फेफड़े संक्रमण की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।

बचाव का रास्ता: निगरानी है जरूरी
अगर आप या आपके परिचित भी उस दौर में गंभीर रूप से बीमार पड़े थे या अस्पताल में लंबे समय तक रहे थे, तो अब सतर्क रहने का समय है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लोगों को अपनी सेहत में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रिकवरी के बाद भी समय-समय पर डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी हेल्थ चेकअप करवाते रहना ही इस खतरे से बचने का सबसे आसान तरीका है। वक्त रहते की गई जांच किसी भी बड़ी बीमारी को पनपने से पहले ही रोक सकती है।

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