Edited By Parveen Kumar,Updated: 17 Apr, 2026 07:29 PM

होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक हलचल मच गई। शुक्रवार शाम को होर्मुज़ स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। दुनिया के कुल तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से...
नेशनल डेस्क : होर्मुज़ स्ट्रेट के खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक हलचल मच गई। शुक्रवार शाम को होर्मुज़ स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। दुनिया के कुल तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
कच्चे तेल कीमतों में भारी गिरावट
हालांकि, ताजा संकेतों में यह स्पष्ट हुआ कि मार्ग पूरी तरह खुला है और जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है. इससे सप्लाई बाधित होने का खतरा कम हुआ और बाजार में घबराहट घटने के साथ ही कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई.ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं, जबकि WTI क्रूड भी फिसलकर 8386 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया।
सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल
शुक्रवार शाम को होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही कच्चे तेल के दाम 10 फीसदी नीचे गिर गए। इसी के साथ पेट्रोल-डीजलों के दाम में घट सकते है। बता दें कि ईस्ट मिडिल जंग का असर एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा था और कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए थे।
बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों की दिशा अब पूरी तरह से भूराजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि तनाव और कम होता है तो कीमतों में और गिरावट संभव है, लेकिन किसी भी नए विवाद से बाजार में फिर उछाल आ सकता है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी तेजी देखी जा सकती है। वहीं पेंट्स बनाने और टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयर में तेजी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा तेल कंपनियों के शेयरों में भी हलचल देखी जा सकती है।