Edited By Pardeep,Updated: 05 Apr, 2026 11:25 PM

दुनियाभर में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण पैदा हुए तेल संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
नेशनल डेस्कः दुनियाभर में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण पैदा हुए तेल संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
जैसलमेर में रिकॉर्ड उत्पादन
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जैसलमेर के थार रेगिस्तान में कच्चे तेल के उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पिछले साल के 705 बैरल/दिन के मुकाबले अब 1,202 बैरल/दिन का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया है, जो करीब 70% की वृद्धि है। जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र में निकले कच्चे तेल को टैंकरों के जरिए मेहसाणा में ओएनजीसी की सुविधाओं तक ले जाया जाता है। इसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से इसे वडोदरा स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की कोयाली रिफाइनरी भेजा जाता है।
सालाना उत्पादन में भी जबरदस्त उछाल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्थान फील्ड से 43,773 मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल के 32,787 मीट्रिक टन से काफी ज्यादा है।
70% ग्रोथ के पीछे क्या है तकनीक?
बाघेवाला क्षेत्र में जोधपुर सैंडस्टोन फॉर्मेशन से यह रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया है। इस सफलता के पीछे साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (CSS) जैसी आधुनिक तकनीक है, जो थर्मल एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी का हिस्सा है और गाढ़े कच्चे तेल को निकालने में मदद करती है।
इसके अलावा कंपनी ने डाइलुएंट इंजेक्शन, आर्टिफिशियल लिफ्ट सिस्टम, फिशबोन ड्रिलिंग और बेयरफुट कंप्लीशन जैसी उन्नत तकनीकों का भी इस्तेमाल किया है, जो देश में पहली बार भारी तेल भंडारों के लिए अपनाई गई हैं।
52 कुएं, 33 चालू—13 नए इस साल
राजस्थान बेसिन के बीकानेर-नागौर उप-बेसिन में स्थित बाघेवाला तेल क्षेत्र 1991 में खोजा गया था और 2017 से यहां उत्पादन हो रहा है। यह क्षेत्र 200.26 वर्ग किलोमीटर में फैला है और वर्तमान में यहां 52 कुएं हैं, जिनमें से 33 सक्रिय हैं। भारत के लिए यह उपलब्धि ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।