Edited By Mehak,Updated: 06 Apr, 2026 11:09 AM

सोमवार को Multi Commodity Exchange पर सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी करीब ₹2,800 प्रति किलो सस्ती होकर ₹2,29,651 पर आ गई, जबकि सोना ₹1,382 गिरकर ₹1,48,298 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। दोनों धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी...
नेशनल डेस्क : सोमवार को कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। हफ्ते की शुरुआत के साथ ही सोना और चांदी दोनों के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Multi Commodity Exchange (MCX) पर बाजार खुलते ही चांदी और सोना कमजोर स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
खुलते ही चांदी में बड़ी गिरावट
कारोबार की शुरुआत में चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई। पिछले सत्र में चांदी करीब ₹2,32,495 प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार को यह गिरकर लगभग ₹2,29,651 प्रति किलो पर पहुंच गई। यानी ओपनिंग में ही चांदी करीब ₹2,800 प्रति किलो सस्ती हो गई। अगर इसके रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें, तो चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई ₹4,39,337 प्रति किलो से करीब ₹2.09 लाख नीचे चल रही है। इससे साफ है कि चांदी फिलहाल दबाव में बनी हुई है।
सोने के दाम भी फिसले
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। पिछले कारोबारी दिन सोना करीब ₹1,49,680 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को यह गिरकर ₹1,48,298 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यानी सोने की कीमत में करीब ₹1,382 प्रति 10 ग्राम की कमी आई। सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर ₹2,02,984 प्रति 10 ग्राम से करीब ₹54,686 सस्ता हो चुका है, जो निवेशकों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक कारणों का असर
आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय सोना-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार इसके उलट रुझान दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव और Donald Trump के हालिया बयानों के बावजूद कीमतों में गिरावट बनी हुई है।
इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश की बजाय कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोना और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए एक अवसर भी हो सकती है और जोखिम भी। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे इन स्तरों पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए निवेश से पहले कीमतों और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।