Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Oct, 2025 10:22 AM

तेल बाजार से राहत की खबर आई है। शुक्रवार सुबह जारी हुए नए रेट में कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्का उछाल आने के बावजूद, घरेलू स्तर पर सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में...
नेशनल डेस्क: तेल बाजार से राहत की खबर आई है। शुक्रवार सुबह जारी हुए नए रेट में कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्का उछाल आने के बावजूद, घरेलू स्तर पर सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में संशोधन किया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में घटे दाम
तेल कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में आज पेट्रोल 6 पैसे महंगा होकर ₹94.77 प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 8 पैसे बढ़कर ₹87.89 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को राहत मिली है - यहां पेट्रोल 48 पैसे सस्ता होकर ₹94.41, और डीजल 56 पैसे घटकर ₹87.47 प्रति लीटर पर आ गया है। दूसरी ओर पटना में कीमतों में उछाल देखा गया है। बिहार की राजधानी में पेट्रोल ₹106.11 प्रति लीटर और डीजल ₹92.32 प्रति लीटर पहुंच गया है, जो कल की तुलना में क्रमशः 88 पैसे और 83 पैसे ज्यादा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में तेज़ी जारी है।
ब्रेंट क्रूड में $1.25 की बढ़त के साथ भाव $85.85 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड का दाम $81.65 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ये तेजी घरेलू पेट्रोल-डीजल के रेट पर अभी ज्यादा असर नहीं डाल रही है, क्योंकि तेल कंपनियां मौजूदा स्तरों पर ही दामों को संतुलित बनाए हुए हैं।
चारों महानगरों में कीमतें स्थिर
देश के चारों बड़े शहरों - दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल ₹103.44, डीजल ₹89.97 प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.76, डीजल ₹92.35 प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल ₹104.95, डीजल ₹91.76 प्रति लीटर
कहां कितना सस्ता या महंगा हुआ तेल
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर) बदलाव
नोएडा 94.77 87.89 हल्की बढ़त
गाजियाबाद 94.41 87.47 गिरावट
पटना 106.11 92.32 बढ़ोतरी
आम जनता के लिए क्या मतलब है यह बदलाव?
त्योहारों के बाद जहां ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक की डिमांड घटती है, वहीं तेल की खपत में भी गिरावट आती है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आने से आने वाले हफ्तों में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और ट्रांसपोर्ट लागत में राहत की उम्मीद बढ़ी है।