Edited By Mehak,Updated: 11 Feb, 2026 06:29 PM

हर छोटी बात पर गुस्सा आने की वजह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि विटामिन B6, B12 और D की कमी भी हो सकती है। ये विटामिन्स मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन को संतुलित रखते हैं, जो मूड स्थिर रखते हैं। कमी होने पर चिड़चिड़ापन, तनाव और उदासी बढ़ सकते हैं। हरी...
नेशनल डेस्क : अक्सर लोग छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं। कभी किसी की हल्की सी गलती, मजाक या छोटी बात भी उन्हें इतना चिढ़ा देती है कि वे अपने आप पर नियंत्रण नहीं रख पाते और सामने वाले पर गुस्सा निकाल देते हैं। हालांकि, गुस्सा शांत होने के बाद अंदर ही अंदर अफसोस और दुख का एहसास होता है कि उन्होंने किसी को चोट पहुंचाई।
गुस्सा क्यों है खतरनाक?
गुस्सा सिर्फ थोड़े समय के लिए आता है, लेकिन इसके असर लंबे समय तक रह सकते हैं। लगातार गुस्सा आने से रिश्तों में दूरियां बन सकती हैं और सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। कुछ लोग इतना परेशान हो जाते हैं कि दूसरों के साथ बातचीत से भी बचते हैं, ताकि किसी का दिल न दुखा दें। हालांकि, सिर्फ आदत ही इसका कारण नहीं होती। कभी-कभी शरीर में कुछ खास विटामिन्स की कमी भी गुस्से और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती है। अगर इन विटामिन्स की कमी पूरी की जाए तो इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
गुस्से से जुड़े मुख्य विटामिन्स
1. विटामिन B6
विटामिन B6 हमारे दिमाग में सेरोटोनिन (Serotonin) और डोपामाइन (Dopamine) जैसी महत्वपूर्ण केमिकल्स को संतुलित रखता है। ये केमिकल्स हमारे मूड को स्थिर और शांत रखने में मदद करते हैं।
- कमी होने पर : बेचैनी, तनाव, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा।
2. विटामिन B12
विटामिन B12 शरीर को ऊर्जा देता है और दिमाग को सही तरीके से काम करने में मदद करता है।
- कमी होने पर : लगातार थकान, उदासी, ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल, मूड अस्थिरता और चिड़चिड़ापन।
3. विटामिन D
विटामिन D अक्सर हड्डियों के लिए जाना जाता है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। यह मूड को संतुलित रखने में मदद करता है।
- कमी होने पर : चिड़चिड़ापन, उदासी, गुस्सा बढ़ना। विशेष रूप से धूप की कमी से यह समस्या ज्यादा होती है।
इन विटामिन्स की कमी कैसे पूरी करें
- हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक, मेथी, बथुआ
- अंडा और मछली : प्रोटीन और विटामिन B12 के लिए
- दूध और दही : कैल्शियम और विटामिन D के लिए
- नट्स और साबुत अनाज : ऊर्जा और पोषक तत्वों के लिए
इन खाद्य पदार्थों को अपने रोजमर्रा के आहार में शामिल करने से शरीर को जरूरी विटामिन्स मिलते हैं। इसके साथ ही मूड और मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होता है। संतुलित और पौष्टिक आहार न सिर्फ शारीरिक सेहत सुधारता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।