मौत के तुरंत बाद सबसे पहले ये अंग काम करना कर देता है बंद, 99% लोग इस बात से होंगे अनजान

Edited By Updated: 11 Feb, 2026 01:45 PM

this organ is the first to stop functioning immediately after death

जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो शरीर के सभी अंग एक साथ बंद नहीं होते। सबसे पहले ब्रेन प्रभावित होता है क्योंकि इसे सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसके बाद दिल और फेफड़े काम करना बंद करते हैं। लिवर, पैंक्रियास और आंतें कुछ घंटों में...

नेशनल डेस्क : जब किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो उसके शरीर के सभी अंग एक साथ बंद नहीं होते। हर अंग अपनी ऑक्सीजन की आवश्यकता और रक्त प्रवाह पर निर्भर करता है, इसलिए अलग-अलग समय पर अपनी गतिविधि बंद कर देते हैं। इस प्रक्रिया को समझना सिर्फ मृत्यु की वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए नहीं, बल्कि यह जानने के लिए भी जरूरी है कि कौन-से अंग ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित रह सकते हैं।

सबसे पहले क्या प्रभावित होता है?

मृत्यु के तुरंत बाद दिल की धड़कन रुक जाती है, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है। ब्रेन को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, इसलिए यह सबसे पहले प्रभावित होता है। आम तौर पर 4 से 7 मिनट में ब्रेन की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। जब ब्रेन स्थायी रूप से काम करना बंद कर देता है, तो इसे ब्रेन डेथ कहा जाता है। मेडिकल साइंस में यही मृत्यु का निर्णायक संकेत माना जाता है।

यह भी पढ़ें - हर महीने महिलाओं को मिलेंगे 2000 रुपये, ऐसे उठाएं इस सरकारी योजना का लाभ

दिल और फेफड़े कब बंद होते हैं?

नेचुरल मृत्यु में जैसे ही सांस रुकती है, दिल की धड़कन भी बंद हो जाती है। दिल रुकने से ब्लड फ्लो समाप्त हो जाता है और फेफड़े भी काम करना बंद कर देते हैं। हालांकि अस्पताल में मशीनों की मदद से ऑक्सीजन सप्लाई की जा सकती है, जिससे कुछ अंगों को थोड़े समय के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। ट्रांसप्लांट के नजरिए से, हार्ट और फेफड़े 4 से 6 घंटे तक उपयोगी रहते हैं यदि सही तरीके से संरक्षित किया जाए।

कुछ घंटों बाद किन अंगों पर असर पड़ता है?

लिवर, पैंक्रियास और आंतें ऊर्जा और एंजाइम पर निर्भर होती हैं। ब्लड फ्लो रुकने के कुछ समय बाद इनमें तेजी से क्षय शुरू हो जाता है। आमतौर पर 8 से 18 घंटे में ये अंग अपनी कार्यक्षमता खोने लगते हैं। यदि इन्हें तुरंत ठंडे तापमान पर संरक्षित किया जाए, तो ट्रांसप्लांट के लिए सीमित समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

यह भी पढ़ें - अगले 3 दिन होगी भयंकर बारिश, IMD ने इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट

सबसे ज्यादा समय तक कौन से अंग सुरक्षित रहते हैं?

1. किडनी : मृत्यु के बाद यदि जल्दी ठंडा कर सुरक्षित रखा जाए, तो 24 से 36 घंटे तक ट्रांसप्लांट के लिए उपयोगी रहती है।

2. आंख की पारदर्शी परत (कॉर्निया) : ऑक्सीजन पर कम निर्भर होने के कारण लगभग 14 दिन तक दान के लिए सुरक्षित रहती है।

3. त्वचा और हड्डियां : सही संरक्षण में त्वचा और हड्डियां कई दिनों से लेकर वर्षों तक सुरक्षित रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि स्किन ग्राफ्ट और बोन टिश्यू लंबे समय बाद भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!