Edited By Radhika,Updated: 22 May, 2026 03:46 PM

दिल्ली सरकार ने संपत्तियों पर लगने वाले पानी और सीवर शुल्कों को कम करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की एक नई और सरलीकृत (Simplified) नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि इस बदलाव से जनता...
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने संपत्तियों पर लगने वाले पानी और सीवर शुल्कों को कम करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की एक नई और सरलीकृत (Simplified) नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि इस बदलाव से जनता को भारी वित्तीय राहत मिलेगी और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।
नए निर्माण पर ही लगेगा बुनियादी ढांचा शुल्क (IFC)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि अब से दिल्ली जल बोर्ड का इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) यानी बुनियादी ढांचा शुल्क पानी की मांग के आधार पर तय किया जाएगा। यह शुल्क केवल नए विकास कार्यों या किसी संपत्ति के भीतर किए गए अतिरिक्त निर्माण (Additional Construction) पर ही लागू होगा। पुराने ढांचों पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
विभिन्न कॉलोनियों के लिए भारी छूट (Rebate) का ऐलान
सरकार ने आवासीय कॉलोनियों (Residential Colonies) के वर्गीकरण के आधार पर पानी और सीवर शुल्कों में भारी कटौती की घोषणा की है। इस कदम से दिल्ली के मध्यम और निचले मध्यम वर्ग के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लाखों परिवारों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा और उनके पानी के बिलों में बड़ी कमी देखने को मिलेगी।