Edited By Rahul Singh,Updated: 08 Oct, 2026 07:30 PM

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पूरी दिल्ली में 20,000 से अधिक पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।
नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पूरी दिल्ली में 20,000 से अधिक पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और उन्होंने लोगों से किसी भी अनधिकृत जमावड़े में भाग लेने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम शनिवार को शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए अब तक कोई अनुमति नहीं दी गई है।"
तैनात कर्मीयों पर हमला न करने की भी अपील
यह तैनाती शांति भंग होने से रोकने और लोगों तथा यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर की गई है। अधिकारी ने बताया कि इलाके में निषेधात्मक आदेश पहले से ही लागू है। अधिकारी ने कहा, "निषेधाज्ञा लागू है, और सभी से कानून का पालन करने तथा शांति बनाए रखने का अनुरोध किया जाता है।" पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता से किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल न होने या सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मीयों पर हमला न करने की भी अपील की है। अधिकारी ने कहा, "हम सभी से शांति बनाए रखने और पुलिसकर्मियों पर हमला न करने की अपील करते हैं। ऐसा कोई भी कृत्य अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के संबंध में कर्मियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं और उनसे अनावश्यक टकराव से बचने को कहा है। पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर असत्यापित जानकारी पर विश्वास न करने या उसे प्रसारित नहीं करने को कहा। अधिकारी ने कहा, "लोगों को केवल इसलिए फर्जी खबरों पर विश्वास या उन्हें प्रसारित नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन कुछ देखा है। उनसे अनुरोध है कि वे केवल दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और सत्यापित संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।" कॉकरोच जनता पार्टी और कई छात्र संगठन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देश भर में लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।