Edited By Sanjeev,Updated: 07 Oct, 2026 08:24 AM

दिल्ली सरकार ने 6690 आशा वर्करों के मासिक प्रोत्साहन भत्ते को 3000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए कर दिया है और नवजात शिशुओं की मुफ्त स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाकर उसमें जन्म से जुड़ी 63 बीमारियों को शामिल किया है।
नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने 6690 आशा वर्करों के मासिक प्रोत्साहन भत्ते को 3000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए कर दिया है और नवजात शिशुओं की मुफ्त स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाकर उसमें जन्म से जुड़ी 63 बीमारियों को शामिल किया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने त्यागराज स्टेडियम में आयोजित आशा सम्मेलन 2026 में इन पहलों की शुरुआत की। उन्होंने जीबी पंत अस्पताल में 'स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन' (SOTTO) की नई इमारत का उद्घाटन भी किया और प्राइवेट नर्सिंग होम के लिए एक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च किया।
भत्ते में बढ़ोतरी से 'एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट्स' (आशा वर्कर) को फायदा होगा, जो गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करती हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि भत्ते में बढ़ोतरी की मांग लगभग एक दशक से लंबित थी। गुप्ता ने कहा कि वर्करों के कल्याण में सहयोग करना सरकार की जिम्मेदारी है।
विस्तारित 'मिशन अनमोल' कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं की जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर जन्म से जुड़ी 63 बीमारियों के लिए मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी। इस स्क्रीनिंग का मकसद गंभीर लेकिन इलाज योग्य जेनेटिक, मेटाबोलिक और जन्मजात विकारों की शुरुआती दौर में पहचान करना है, ताकि प्रभावित बच्चों को समय पर इलाज मिल सके। सरकार का लक्ष्य स्क्रीनिंग का दायरा लगभग 1.5 लाख नवजात शिशुओं से बढ़ाकर 2.5 लाख करना है। सरकार ने बताया कि अब तक 75,000 से ज्यादा नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग हो चुकी है और 700 से ज्यादा बच्चों को समय पर इलाज मिला है।