बड़ी खबर! दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का Al Falah यूनिवर्सिटी पर छापा, UGC की शिकायत पर दर्ज की दो  FIR

Edited By Updated: 15 Nov, 2025 05:57 PM

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अल फ़लाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी पर UGC द्वारा धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोपों में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।

नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अल फ़लाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी पर UGC द्वारा धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोपों में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। इसमें शैक्षणिक संस्थान की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

क्या हैं आरोप?

क्राइम ब्रांच ने अल फ़लाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। UGC ने अपनी शिकायत में यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर अनियमितताओं का अंदेशा जताया था, जिसके आधार पर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद अल फ़लाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ पुलिस की जाँच का शिकंजा कस गया है और संस्थान के अधिकारियों से जल्द ही पूछताछ की जा सकती है।

दिल्ली धमाके से जुड़े तार

फरीदाबाद की अल फ़लाह यूनिवर्सिटी अब दिल्ली ब्लास्ट की जांच का मुख्य केंद्र बन गई है। दिल्ली धमाके का संदिग्ध आतंकी उमर उन नबी, इसी यूनिवर्सिटी के अस्पताल में काम करता था। जांचकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के बिल्डिंग नंबर 17 के कमरा नंबर 13 को आतंकियों का मेन बेस बताया है। यहीं पर आतंकियों ने विस्फोटक जुटाने और धमाके की साजिश रचने की योजना बनाई थी। इस कमरे में आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी समेत कई प्रोफेसर शामिल थे। क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार को ओखला स्थित यूनिवर्सिटी के मुख्यालय पहुंची और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ की।

 फर्जी मान्यता का दावा और फंडिंग की जांच

यूनिवर्सिटी पर एक और बड़ी गाज गिरी है। NAAC ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, क्योंकि उसने अपनी वेबसाइट पर गलत और फर्जी मान्यता का दावा किया था। जांच के चलते यूनिवर्सिटी की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है। पुलिस और एजेंसियां यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं, क्योंकि इसकी फंडिंग के भी आतंक से जुड़े होने का शक है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यूनिवर्सिटी के कई डॉक्टर आतंकियों से जुड़े थे और यूपी-कश्मीरी मूल के कई डॉक्टर इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। इस डर से छात्र भी यूनिवर्सिटी छोड़ रहे हैं। जांच टीमें आतंक के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

 

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