Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Mar, 2026 12:59 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब आपकी रसोई तक पहुंच गया है लेकिन खतरा सिर्फ गैस की सप्लाई का नहीं बल्कि आपके बैंक बैलेंस का भी है। दिल्ली पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि कैसे ठग ईरान युद्ध और गैस की कमी का डर दिखाकर लोगों...
LPG Booking Scam Alert : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब आपकी रसोई तक पहुंच गया है लेकिन खतरा सिर्फ गैस की सप्लाई का नहीं बल्कि आपके बैंक बैलेंस का भी है। दिल्ली पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि कैसे ठग ईरान युद्ध और गैस की कमी का डर दिखाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक ठग खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं। उनका दावा होता है कि युद्ध की वजह से सप्लाई पूरी तरह बंद होने वाली है और अगर अभी बुक नहीं किया तो महीनों इंतजार करना पड़ेगा।
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फर्जी व्हाट्सएप लिंक: ठग जल्द डिलीवरी और स्टॉक खत्म होने के मैसेज के साथ एक लिंक भेजते हैं।
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नकली वेबसाइट: लिंक पर क्लिक करते ही गैस कंपनियों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट खुल जाती है जहां आपकी बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी (OTP) चुरा लिया जाता है।
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एडवांस पेमेंट का लालच: ठग तुरंत बुकिंग के लिए एडवांस पेमेंट की मांग करते हैं और पैसा मिलते ही गायब हो जाते हैं।

धरातल पर क्या है स्थिति?
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में कुछ रुकावटें जरूर आई हैं जिससे रेस्टोरेंट इंडस्ट्री प्रभावित है। कई शहरों में एजेंसियों के बाहर लाइनें भी देखी जा रही हैं। हालांकि इंडेन, भारतगैस और एचपी (HP) जैसी कंपनियों ने साफ किया है कि घरेलू गैस (Domestic LPG) की कोई बड़ी कमी नहीं है। सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में की जा रही है।

सुरक्षित बुकिंग के लिए अपनाएं ये 3 नियम
दिल्ली पुलिस और तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए सेफ्टी मंत्र जारी किए हैं:
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आधिकारिक माध्यम ही चुनें: बुकिंग हमेशा अधिकृत ऐप (जैसे Indane का आधिकारिक ऐप) या IVRS नंबर (7718955555) के जरिए ही करें।
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लिंक से बचें: व्हाट्सएप या एसएमएस (SMS) पर आए किसी भी अनजान लिंक के जरिए पेमेंट न करें।
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गोपनीयता: अपना पिन (PIN), ओटीपी या कार्ड डिटेल्स किसी भी अनजान कॉलर को न दें।

धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
अगर आप ठगी का शिकार हो जाते हैं तो समय बहुत कीमती है:
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हेल्पलाइन: तुरंत सरकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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ऑनलाइन शिकायत: [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराएं। जितनी जल्दी आप सूचना देंगे पैसे वापस मिलने की उम्मीद उतनी ही ज्यादा होगी।