Edited By Rohini Oberoi,Updated: 26 Aug, 2026 10:33 AM
दिल्ली पुलिस ने आज एक स्नैचिंग मामले में 25 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 100 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फुटेज की जांच और लगभग 30 किलोमीटर लंबे रास्ते की फिजिकल वेरिफिकेशन (मौके पर जाकर जांच) के बाद की गई। आरोपी की पहचान नेपाल के...
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने आज एक स्नैचिंग मामले में 25 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 100 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फुटेज की जांच और लगभग 30 किलोमीटर लंबे रास्ते की फिजिकल वेरिफिकेशन (मौके पर जाकर जांच) के बाद की गई। आरोपी की पहचान नेपाल के रहने वाले विकास गुरुंग के तौर पर हुई है। उसे दक्षिण-पश्चिम जिले के सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान एक चोरी की स्कूटी, सोने का पेंडेंट, चांदी की पायल की एक जोड़ी और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इस गिरफ्तारी से स्नैचिंग, चोरी और सामान खोने से जुड़े पांच मामलों को सुलझाने में मदद मिली है, जो दिल्ली के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज या रिपोर्ट किए गए थे।
जांच तब शुरू हुई जब 3 अगस्त को सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) के तहत स्नैचिंग की घटना के संबंध में FIR नंबर 267/26 दर्ज की गई। इस मामले को सुलझाने के लिए ASI नरेंद्र, HC अमरजीत, HC अजीत, HC दिलबाग, HC महेश, HC मेनपाल और कॉन्स्टेबल देवेंद्र की एक खास पुलिस टीम बनाई गई थी। यह टीम सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की देखरेख में और ACP/SJ एन्क्लेव मेल्विन वर्गीज (IPS) की कुल निगरानी में काम कर रही थी।
पुलिस ने बताया कि टीम ने स्थानीय पूछताछ और अलग-अलग जगहों से इकट्ठा किए गए CCTV फुटेज की व्यवस्थित जांच के साथ-साथ विस्तृत तकनीकी और फील्ड जांच की। जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्ति और अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी की पहचान और आवाजाही का पता लगाने के लिए 100 से ज़्यादा CCTV कैमरा रिकॉर्डिंग की जांच की गई।
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जांचकर्ताओं ने एक कैमरे की लोकेशन से दूसरे कैमरे की लोकेशन तक फुटेज को जोड़कर एक लगातार विज़ुअल ट्रेल (दृश्य कड़ी) बनाई और लगभग 30 किलोमीटर के रास्ते की फिजिकल वेरिफिकेशन की। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड वेरिफिकेशन सहित 16 दिनों की लगातार कोशिशों के बाद, पुलिस ने गुरुंग की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने सरोजिनी नगर मामले और स्नैचिंग व चोरी की कई अन्य घटनाओं में अपनी भूमिका कबूल की। पुलिस ने बताया कि वह कथित अपराधों को अंजाम देने के लिए चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस के अनुसार, गुरुंग ने 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और 2022 में काम की तलाश में नेपाल से भारत आया था। शुरू में उसने अलग-अलग जगहों पर हाउसकीपर और हेल्पर के तौर पर काम किया और हाल ही में वह बापा नगर, करोल बाग में रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया कि करीब छह महीने पहले, जब वह मुनिरका में रह रहा था तो उसने एक व्यक्ति को नशे की हालत में एक स्कूटी के पास सोते हुए देखा जिसकी चाबी इग्निशन में ही लगी रह गई थी। उसने कथित तौर पर वह गाड़ी चुरा ली और बाद में स्कूटी लेकर करोल बाग रहने चला गया।
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इसके बाद आरोपी कथित तौर पर अपने खर्च पूरे करने के लिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में झपटमारी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए चोरी की गाड़ी का इस्तेमाल करने लगा। पुलिस ने बताया कि उसके काम करने का तरीका यह था कि वह चोरी की स्कूटी से दक्षिण और मध्य दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घूमता था और आसानी से शिकार बन सकने वाले पैदल चलने वालों, खासकर मोबाइल फोन, बैग या अन्य कीमती सामान ले जा रही महिलाओं को निशाना बनाता था।
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वह कथित तौर पर पीड़ितों के पीछे या बगल से आता था उनका सामान छीनता या चुराता था और कनेक्टिंग सड़कों का इस्तेमाल करके तेज़ी से भाग जाता था। बरामद सामान में एक चोरी की स्कूटी, सोने का पेंडेंट, चांदी की पायल का एक जोड़ा और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।
सुलझाए गए मामलों में सरोजिनी नगर और सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशनों में दर्ज झपटमारी के दो मामले, तुगलक रोड और किशनगढ़ पुलिस स्टेशनों में दर्ज चोरी के मामले और आर.के. पुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज खोए हुए सामान की रिपोर्ट शामिल है। फिलहाल आगे की जांच चल रही है।