Edited By Mansa Devi,Updated: 21 Jan, 2026 12:31 PM

देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार बना हुआ है। बुधवार, 21 जनवरी की सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक...
नेशनल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार बना हुआ है। बुधवार, 21 जनवरी की सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 341 रहा। हालांकि मंगलवार सुबह AQI 397 दर्ज किया गया था, जिसके मुकाबले मामूली सुधार देखने को मिला है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
इन इलाकों में हालात सबसे खराब
राजधानी के कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर औसत से काफी अधिक दर्ज किया गया। आनंद विहार और अशोक विहार में AQI 388 तक पहुंच गया, जबकि वजीरपुर में यह 386 रिकॉर्ड किया गया।
अन्य प्रभावित इलाकों में AQI इस प्रकार रहा—
आर.के. पुरम: 377
द्वारका सेक्टर-8: 376
पंजाबी बाग: 374
आईटीओ: 369
चांदनी चौक: 369
बवाना: 383
धुंध और ठंड का दोहरा असर
प्रदूषण के साथ-साथ दिल्लीवासियों को कड़ाके की ठंड और कोहरे का भी सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बुधवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। सुबह 7 बजे न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कम तापमान और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में नीचे ही जमा हो रहे हैं, जिससे दृश्यता में कमी आई है।
GRAP-4 पर प्रशासन का फैसला
वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में लागू ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) के चौथे चरण (स्टेज-IV) के प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है। इससे पहले 17 जनवरी को AQI के ‘गंभीर’ श्रेणी (450 से ऊपर) में पहुंचने की आशंका के चलते कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और स्टेज-1, 2 और 3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि 300 से अधिक AQI बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह की सैर से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें।