Edited By Rahul Singh,Updated: 03 Nov, 2026 12:25 PM

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा था कि श्रीराम सीधे हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं।
छतरपुर (मध्यप्रदेश) : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर बताने की नहीं थी और यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा था कि श्रीराम सीधे हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण की त्रिभंग मुद्रा, बांसुरी और वृंदावन का उल्लेख करते हुए अयोध्या और वृंदावन की तुलना भी की थी। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों और कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों समान रूप से पूजनीय हैं और उनकी तुलना इस तरह करना उचित नहीं है।
विवाद के बाद शास्त्री ने केन्या के नैरोबी से सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा, ''उनकी टिप्पणी भक्ति परंपरा और ब्रज की प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में थी। उनका उद्देश्य किसी भगवान का अपमान करना या दोनों के बीच भेद करना नहीं था।'' बाबा बागेश्वर के रूप में मशहूर शास्त्री ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण एक ही परम सत्ता के स्वरूप हैं। उन्होंने स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि वह भागवत कथा भी करते हैं और कृष्ण भक्ति में उनकी पूरी आस्था है। उन्होंने कहा कि भावावेश में कही गई बात से यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वह विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगते हैं।