Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Aug, 2026 01:02 PM

India-Nepal Border पर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी खबर है। नेपाल जाने से पहले अब केवल Aadhaar Card के भरोसे सीमा पार करने की कोशिश न करें। उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri स्थित Gauriphanta Border पर यात्रियों के पहचान दस्तावेजों की...
नई दिल्ली: India-Nepal Border पर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी खबर है। नेपाल जाने से पहले अब केवल Aadhaar Card के भरोसे सीमा पार करने की कोशिश न करें। उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri स्थित Gauriphanta Border पर यात्रियों के पहचान दस्तावेजों की जांच सख्त कर दी गई है। नए निर्देशों के बाद यात्रियों से आधार कार्ड के साथ अन्य मान्य पहचान दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं।
नेपाल जाने से पहले इन Documents का रखें ध्यान
नई व्यवस्था के तहत Gauriphanta Border पर यात्रियों के Documents की जांच में सख्ती की गई है। सीमा पर तैनात Sashastra Seema Bal (SSB) के जवान यात्रियों से मान्य पहचान दस्तावेज दिखाने को कह रहे हैं। यात्रियों को अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्धारित Documents में से कोई मान्य दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। इनमें Passport, Voter ID या Indian Embassy द्वारा जारी Valid Certificate जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
सिर्फ Aadhaar Card लेकर नहीं कर सकते यात्रा
नई व्यवस्था की जानकारी नहीं होने के कारण शुक्रवार को कई यात्री केवल Aadhaar Card लेकर सीमा पर पहुंच गए। जांच के दौरान ऐसे यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली और कुछ लोगों को वापस लौटना पड़ा।
भारत-नेपाल के बीच Visa क्यों नहीं लगता?
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए सामान्य तौर पर एक-दूसरे के देश में जाने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन Visa-Free Travel का मतलब यह नहीं है कि पहचान दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। सीमा पर सुरक्षा और पहचान की जांच के लिए यात्रियों से वैध Documents मांगे जा सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, इससे पहले नेपाल ने भारत से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि वह उसके नेशनल आइडेंटिटी कार्ड (NID) को सीमा पार यात्रा के लिए एक वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। इसका उद्देश्य पहचान की पुष्टि और सुरक्षा को मजबूत करना है, साथ ही दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है। यह जानकारी एक वरिष्ठ आव्रजन अधिकारी ने दी।
NID भारत के आधार कार्ड जैसा ही है और इसमें बायोमेट्रिक जानकारी होती है, जिसमें उंगलियों के निशान, चेहरे की तस्वीरें और आंखों की पुतली (आइरिस) की स्कैनिंग शामिल है। नेपाली सरकार ने पासपोर्ट के लिए आवेदन, ज़मीन का रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता खोलने और अन्य सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए NID को अनिवार्य कर दिया है। सरकार पारंपरिक नागरिकता प्रमाण-पत्र की जगह धीरे-धीरे डिजिटल रूप से पढ़े जा सकने वाले पहचान-पत्र लाना चाहती है।
नेपाल यह भी चाहता है कि भारत नेपाली नागरिकों की सीमा पार आवाजाही के लिए NID को एक वैध दस्तावेज़ के रूप में मान्यता दे, क्योंकि भारत अभी नेपाल के पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाण-पत्र को ही आधिकारिक पहचान दस्तावेज़ के रूप में मान्यता देता है। नेपाल और भारत के नागरिकों को दोनों देशों के बीच यात्रा करने के लिए पासपोर्ट या वीज़ा ले जाने की ज़रूरत नहीं होती है।
आव्रजन विभाग के महानिदेशक राम चंद्र तिवारी ने बताया कि उनके कार्यालय ने जून के आखिर में भारत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें नेपाली नागरिकों के लिए NID को यात्रा के वैध दस्तावेज़ के रूप में मान्यता देने की मांग की गई थी।