Edited By Radhika,Updated: 02 May, 2026 10:55 AM

दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर शिक्षा निदेशालय (DoE) ने एक नया फरमान जारी किया है। इसके अनुसार अब कोई भी मान्यता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल...
नेशनल डेस्क: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर शिक्षा निदेशालय (DoE) ने एक नया फरमान जारी किया है। इसके अनुसार अब कोई भी मान्यता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल माता-पिता पर एक साथ दो या तीन महीने की फीस जमा करने का दबाव नहीं बना सकेगा।
अभिभावकों की शिकायतों पर लिया गया एक्शन
निदेशालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल जबरन तिमाही (Quarterly) फीस वसूल रहे हैं, जिससे मिडिल क्लास परिवारों पर काफी आर्थिक बोझ एक साथ पड़ता है। अभिवावकों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए DoE ने साफ किया है कि फीस अब मासिक आधार पर ली जाए।
हाई कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला
जानकारी के अनुसार अपने नए निर्देश में निदेशालय ने 15 फरवरी 2019 के पुराने सर्कुलर और 2013 के 'राहुल चड्ढा बनाम समर फील्ड स्कूल' मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का जिक्र किया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा था कि स्कूलों को हर महीने अलग- अलग फीस लेनी चाहिए। इसी संबंध में शुक्रवार को जारी यह आदेश उन स्कूलों के लिए कड़ी चेतावनी है जो नियमों को ताक पर रखकर एडवांस फीस की मांग कर रहे थे।