Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 May, 2026 05:25 PM

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मियों की तैनाती के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा दाखिल याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय के बाद उच्चतम न्यायालय से भी खारिज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि राज्य...
नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मियों की तैनाती के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा दाखिल याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय के बाद उच्चतम न्यायालय से भी खारिज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी की 'अनुचित साधनों' से सत्ता हथियाने की कोशिश पूरी तरह नाकाम हो गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी आसन्न हार को भांपते हुए हताशा और निराशा के कारण उच्चतम न्यायालय में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। बंगाल चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए जाएंगे।
त्रिवेदी ने यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद की, जिसमें कहा गया कि पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मियों की तैनाती संबंधी निर्वाचन आयोग के परिपत्र के खिलाफ दाखिल याचिका को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने को चुनौती देने वाली तृणमूल की याचिका पर आगे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की विशेष पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ईसी) मतगणना कर्मियों का चयन कर सकता है और उसके 13 अप्रैल के परिपत्र को गलत नहीं कहा जा सकता है।
त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, ''उच्चतम न्यायालय का निर्णय संवैधानिक रूप से उचित है। लेकिन तृणमूल द्वारा निराधार आरोपों को आधार बनाकर शीर्ष न्यायालय में याचिका दायर करने से पार्टी के इरादों पर गंभीर सवाल उठते हैं।'' राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि यह चार मई को मतगणना दिवस से पहले तृणमूल कांग्रेस की ''बेचैनी और हताशा'' का सबूत था, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल में लोगों का विश्वास पूरी तरह से खो चुकी है। उन्होंने कहा,''जब किसी को बिना किसी हिंसा या हत्या के शांतिपूर्ण मतदान से समस्या होती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि हिंसा, जबरदस्ती, धमकी और आतंक के माध्यम से सत्ता हथियाने के प्रयास विफल हो रहे हैं।''
त्रिवेदी ने दावा किया कि तृणमूल ने पिछले 10-12 वर्षों में ''संवैधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग'' करते हुए 80 से अधिक बार विभिन्न अदालतों का रुख किया और हर बार उसे ''अपमानजनक हार'' का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह न केवल उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक तंत्रों में विश्वास की कमी और उनका दुरुपयोग करने की इच्छा को भी प्रदर्शित करता है।'' पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुआ था। परिणाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे।