Edited By Parveen Kumar,Updated: 21 Mar, 2026 05:41 PM

हवाई सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन सुरक्षा एजेंसियां और एयरलाइंस कंपनियां कुछ वस्तुओं को विमान में ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाती हैं। बावजूद इसके, जानकारी के अभाव में कई...
नेशनल डेस्क : हवाई सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन सुरक्षा एजेंसियां और एयरलाइंस कंपनियां कुछ वस्तुओं को विमान में ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाती हैं। बावजूद इसके, जानकारी के अभाव में कई यात्री अनजाने में ऐसी चीजें अपने सामान में रख लेते हैं, जिससे उन्हें एयरपोर्ट पर जांच के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ज्वलनशील वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध
विशेषज्ञों के अनुसार, आग पकड़ने वाली वस्तुएं विमान यात्रा के दौरान बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऊंचाई पर वायु दबाव में बदलाव के कारण इनसे आग लगने या विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि माचिस, लाइटर, फ्यूल और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ा खतरा
अक्सर लोग यह सोचकर माचिस या लाइटर अपने बैग में रख लेते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन सुरक्षा मानकों के अनुसार ये भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे सामान को न तो हैंड बैगेज में और न ही चेक-इन लगेज में ले जाने की अनुमति है।
किन-किन चीजों पर है रोक
एयरपोर्ट सुरक्षा नियमों के तहत माचिस, हर तरह के लाइटर (गैस या इलेक्ट्रिक), पेंट थिनर, तारपीन का तेल और अन्य ज्वलनशील केमिकल्स पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके अलावा लाइटर में इस्तेमाल होने वाला तरल ईंधन भी विमान में ले जाना मना है, क्योंकि यह विस्फोटक श्रेणी में आता है।
स्प्रे और एरोसोल पर भी नियम
हालांकि व्यक्तिगत उपयोग के लिए सीमित मात्रा में कुछ स्प्रे या परफ्यूम की अनुमति होती है, लेकिन अत्यधिक ज्वलनशील औद्योगिक स्प्रे को साथ ले जाने की इजाजत नहीं है। ऐसे उत्पाद सुरक्षा जांच में जब्त किए जा सकते हैं।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
यदि किसी यात्री के पास जांच के दौरान प्रतिबंधित वस्तुएं पाई जाती हैं, तो सुरक्षा कर्मी तुरंत उन्हें जब्त कर लेते हैं। गंभीर मामलों में जुर्माना लगाने या पूछताछ जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।