मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर: हजारों उड़ानें रद्द...हवाई किराए में बढ़ोतरी, यात्री परेशान!

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 11:52 AM

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National Desk: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी टकराव का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर साफ दिखाई दे रहा है। हजारों उड़ानें रद्द हो रही हैं और हवाई किराए तेजी से बढ़ रहे हैं। इस वजह से दुनियाभर के यात्रियों की छुट्टियों और जरूरी यात्राओं...

National Desk: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी टकराव का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर साफ दिखाई दे रहा है। हजारों उड़ानें रद्द हो रही हैं और हवाई किराए तेजी से बढ़ रहे हैं। इस वजह से दुनियाभर के यात्रियों की छुट्टियों और जरूरी यात्राओं की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

हवाई उड़ानों पर बड़ा असर

28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद पूरे क्षेत्र में अब तक 46,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के बाद विमानन क्षेत्र के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इस कारण वैश्विक एयरलाइन क्षमता में करीब 10 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

किरायों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

खाड़ी देशों के कई हवाई अड्डे बंद होने से उड़ानों की संख्या कम हो गई है, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ा है। उदाहरण के तौर पर सिंगापुर से लंदन जाने वाली राउंड-ट्रिप इकॉनमी टिकट की कीमत करीब तीन गुना तक बढ़ गई है। कुछ मामलों में कैथे पैसिफिक जैसी एयरलाइनों की उड़ानों का किराया 28,000 डॉलर तक पहुंच गया है।

भारतीय यात्रियों पर पड़ रहा सबसे ज्यादा असर 

इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर भारतीय यात्रियों पर पड़ रहा है, क्योंकि भारत से बाहर जाने वाली लगभग 40 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मध्य पूर्व के रास्ते ही गुजरती हैं। ट्रैवल कंपनी नोमैड ट्रैवल्स के अनुसार, टिकट की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि कई लोग यात्रा करने से बच रहे हैं।

यात्री बढ़ते किराए और सुरक्षा की चिंताओं से परेशान

हाल ही में यात्रा करने वाले लोगों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। लोग न केवल बढ़ते हवाई किराए से परेशान हैं, बल्कि बम धमाकों और सुरक्षा संबंधी खतरों को लेकर भी डर महसूस कर रहे हैं। इसी कारण, कई यात्री अब विदेशी देशों की बजाय अपने ही देश में यात्रा करना पसंद कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

आल्टन एविएशन कंसल्टेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रायन टेरी का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां पूरी तरह से “असामान्य” हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की मांग अभी भी बनी हुई है, लेकिन सप्लाई में कमी के कारण हवाई किराए नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने एयरलाइंस की परेशानियां और बढ़ा दी हैं, जिसके चलते कई कंपनियों ने ईंधन सरचार्ज भी लागू कर दिया है। फिलहाल, हवाई यात्रा करने वालों के लिए आने वाले कुछ दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

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