ED ने 1,200 करोड़ रुपये के SBI धोखाधड़ी मामले में 3.66 करोड़ रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी ज़ब्त

Edited By Updated: 26 Jun, 2026 11:26 AM

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल ज़ोनल ऑफिस ने M/s एडवांटेज ओवरसीज़ प्राइवेट लिमिटेड (AOPL) और उसके प्रमोटर श्रीकांत भासी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में लगभग 3.66 करोड़ रुपये की विदेशी निवेश-लिंक्ड दो जीवन बीमा पॉलिसी को अस्थायी रूप...

नेशनल डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल ज़ोनल ऑफिस ने M/s एडवांटेज ओवरसीज़ प्राइवेट लिमिटेड (AOPL) और उसके प्रमोटर श्रीकांत भासी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में लगभग 3.66 करोड़ रुपये की विदेशी निवेश-लिंक्ड दो जीवन बीमा पॉलिसी को अस्थायी रूप से ज़ब्त किया है।

ज़ब्त की गई पॉलिसी ज़्यूरिख़ इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड के पास हैं और इनकी कुल सरेंडर वैल्यू 387,814.42 USD (लगभग 3.66 करोड़ रुपये) है। ED की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह ज़ब्ती प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

ED ने CBI के बैंकिंग सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल (BSFB), नई दिल्ली द्वारा AOPL, उसके निदेशकों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। इसमें आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी वाले मर्चेंटिंग ट्रेड ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को 1,266.63 करोड़ रुपये का गलत नुकसान पहुंचाया।

PMLA जांच के दौरान, ED ने पाया कि AOPL और उसके प्रमोटरों ने फर्जी मर्चेंटिंग ट्रांज़ैक्शन करके, सर्कुलर ट्रेडिंग में शामिल होकर, व्यापारिक दस्तावेज़ों में हेराफेरी करके और बैंक फंड को विभिन्न घरेलू और विदेशी संस्थाओं में डायवर्ट करके धोखाधड़ी से बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाया था। ED ने कहा कि अपराध से हुई कमाई को कथित तौर पर श्रीकांत भासी द्वारा नियंत्रित कई कंपनियों के ज़रिए घुमाया गया और भारत और विदेश दोनों जगहों पर चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।

ED की जांच से पता चला कि ये दो बीमा पॉलिसी कथित अपराध के समय के दौरान श्रीकांत भासी के नाम पर ली गई थीं और बनाए रखी गई थीं। इन पॉलिसी के लिए फंड उनके विदेशी खातों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ज़रिए दिया गया था। अप्रैल 2026 में, श्रीकांत भासी ने दोनों पॉलिसी को सरेंडर करने और उससे मिलने वाली रकम को अपने भारतीय बैंक खाते में भेजने का अनुरोध किया था। अपराध से हुई कमाई को खत्म होने से बचाने के लिए, ED ने PMLA की धारा 5(1) के तहत पॉलिसी को ज़ब्त कर लिया।

इस मामले में यह सबसे ताज़ा ज़ब्ती है। इससे पहले, ED ने दुबई (UAE) में लगभग 51.70 करोड़ रुपये की नौ अचल संपत्तियों और देश में लगभग 111 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त किया था। यह कार्रवाई कथित धोखाधड़ी से हुई अवैध कमाई का पता लगाने और उसे ज़ब्त करने की एजेंसी की चल रही कोशिशों का हिस्सा है। ED ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

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