देश को संकट में नही देख पाई एक मां, हज के लिए जोड़ी अपनी जमा पूंजी कर दी दान

Edited By Updated: 31 Mar, 2020 10:41 AM

elderly woman deposited five lakh rupees for haj

विश्व के अधिकांश देशों में फैल चुके कोरोना वायरस का प्रकोप थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। इस खतरनाक वायरस से दुनिया भर में हजारों लोगों की जान जा चुकी है व लाखों इसकी चपेट में आ गए हैं। इस महामारी से भारत ​को बचाने के लिए कई लोग आगे आए हैं। इस कड़ी...

नेशनल डेस्क: विश्व के अधिकांश देशों में फैल चुके कोरोना वायरस का प्रकोप थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। इस खतरनाक वायरस से दुनिया भर में हजारों लोगों की जान जा चुकी है व लाखों इसकी चपेट में आ गए हैं। इस महामारी से भारत ​को बचाने के लिए कई लोग आगे आए हैं। इस कड़ी में 87 की बुजुर्ग महिला भी शामिल हो गई है, जिन्होंने हज के लिए जमा किए गए 5 लाख दान में दे दिए। 

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जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर की खालिदा बेगम ने इस साल हज पर जाना था। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते उनका यह कार्यक्रम रद्द हो गया। ऐसे में उन्होंने हज के लिए इकट्ठा की गई पांच लाख रुपये की राशि  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय सेवा भारती की जम्मू इकाई को दान दे दी, ताकि कोरोना संक्रमितों का इलाज हो सके और इसके रोकथाम में मदद मिले।

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खालिदा पूर्व आईपीएस अधिकारी और फिलहाल जम्मू-कश्मीर (Jammu Kahsmir) के लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मू (GC Murmu) के सलाहकार फारुख खान की मां हैं। खालिदा बेगम चाहती हैं कि उनका पैसा जम्मू-कश्मीर में गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाए। इसलिए उन्होंने कोरोना महामारी से जंग के बीच लॉकडाउन में लोगों की मदद के लिए काम कर रही सेवा भारती को 5 लाख रुपये दान देने का फैसला किया। 

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बता दें कि खलीदा बेगम जम्मू-कश्मीर की पहली कुछ महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त की थी।  अपनी उम्र के बावजूद, वह जम्मू-कश्मीर में महिलाओं और दलितों के कल्याण के कामों में बहुत सक्रिय हैं। वह कर्नल पीर मोहम्मद खान की बहू हैं, जो जनसंघ के अध्यक्ष थे। जनसंघ भी आरएसएस का सहयोगी था और बाद मे भारतीय जनता पार्टी बन गया। 


 

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