Edited By Tanuja,Updated: 25 Mar, 2026 12:48 PM

इंग्लैंड में एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां 4 लोगों को नशा तस्करी के आरोप में कुल 30 साल की सजा सुनाई गई। पुलिस ने भारी मात्रा में कोकीन और अन्य ड्रग्स बरामद किए। गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और युवाओं को निशाना बना रहा था।
International Desk: इंग्लैंड में नशा तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अदालत ने एक पंजाबी महिला समेत 4 लोगों को 30 साल से ज्यादा की कुल सजा सुनाई है। यह फैसला बर्मिंघम क्राउन कोर्ट ने सुनाया। अदालत ने शाह रुख हुमायूं को 10 साल 9 महीने, गैब्रिएल कुनाइट को 7 साल 8 महीने, सिंडिजा विरसे को 6 साल 8 महीने और रुबनप्रीत कौर को 5 साल 4 महीने की सजा दी। इससे पहले इसी मामले में अरविंदर बैंस को भी दिसंबर 2022 में 9 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह अप्रैल से अगस्त 2022 के बीच 170 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन की सप्लाई कर चुका था। इस ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 13.6 मिलियन पाउंड बताई गई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह अपने नेटवर्क को छिपाने के लिए पासवर्ड, कोडनेम और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था। यह लोग बेहद संगठित तरीके से यूके के अलग-अलग इलाकों में नशे की सप्लाई करते थे।16 जून 2022 को अरविंदर बैंस को लंदन में 10 किलो उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद राष्ट्रीय अपराध एजेंसी और मेट्रोपॉलिटन पुलिस की संयुक्त जांच में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। गिरोह के अन्य सदस्यों को जनवरी 2025 में यूके के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और समाज, खासकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे थे। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कड़ी सजा सुनाई, ताकि यह साफ संदेश जाए कि नशा तस्करी के खिलाफ कानून बेहद सख्त है।