Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Mar, 2026 09:15 AM

मनोरंजन जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। अपनी सहज एक्टिंग और प्यारी मुस्कान से दर्शकों का मनोरंजन करने वाली दिग्गज अभिनेत्री नवनींद्र बहल अब हमारे बीच नहीं रहीं। 76 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद सिनेमा से लेकर थिएटर तक के गलियारों...
Actress Death: मनोरंजन जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। अपनी सहज एक्टिंग और प्यारी मुस्कान से दर्शकों का मनोरंजन करने वाली दिग्गज अभिनेत्री नवनींद्र बहल अब हमारे बीच नहीं रहीं। 76 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद सिनेमा से लेकर थिएटर तक के गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके जाने की पुष्टि उनके बेटे और मशहूर फिल्म मेकर कानू बहल ने की है। कानू का अपनी मां के लिए लिखा गया संदेश इतना भावुक है कि उसे पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गई हैं। उन्होंने अपनी मां को अपना गुरु, अपनी ताकत और अपनी रूह की रोशनी बताते हुए विदा किया है।
महज तीन साल की उम्र में शुरू हुआ था एक्टिंग का सफर
नवनींद्र बहल का कला से नाता कोई आज या कल का नहीं था, बल्कि उन्होंने तब कदम रखा था जब वह ठीक से बोलना भी नहीं सीखी थीं। सिर्फ 3 साल की नन्हीं उम्र में उन्होंने स्टेज संभाल लिया था। पटियाला के थिएटर से शुरू हुआ उनका यह शौक आगे चलकर एक जुनून बन गया। उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि दूरदर्शन के स्वर्ण युग में 'वो लड़की' और 'पीले पत्थरों की दास्तान' जैसे यादगार शोज का निर्माण भी किया। उनकी आंखों में एक अलग ही चमक और जिज्ञासा थी, जो उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती थी।
'क्वीन' से लेकर 'इश्कबाज' तक का शानदार सफरनामा
नई पीढ़ी उन्हें कंगना रनौत की सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' में उनकी शानदार भूमिका के लिए जानती है, लेकिन उनका काम बहुत विस्तृत था। 'माचिस' और 'ओए लकी! लकी ओए!' जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।
TV की दुनिया में भी वह एक बड़ा नाम थीं, 'इश्कबाज' और 'दिल बोले ओबेरॉय' जैसे धारावाहिकों के जरिए वह घर-घर की चहेती बन गई थीं। वह एक ऐसी कलाकार थीं जिन्होंने सादगी के साथ पर्दे पर अपनी छाप छोड़ी। आज उनके चले जाने से अभिनय का एक स्कूल बंद हो गया है, लेकिन उनकी फिल्में और उनके सिखाए संस्कार हमेशा जिंदा रहेंगे।