बंगाल: बशीरहाट में मतदाता सूची से 340 मुस्लिम नाम हटने पर मचा बवाल, BLO का नाम भी लिस्ट से गायब

Edited By Updated: 26 Mar, 2026 11:57 AM

ruckus erupts in basirhat after 340 muslim names are removed from the voter list

पश्चिम बंगाल के उत्तर 21 परगना जिले के बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में छपी Supplementary List में एक ही बूथ से 340 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसके बाद इसे लेकर लोकल लेवल पर भारी...

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के उत्तर 21 परगना जिले के बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में छपी Supplementary List में एक ही बूथ से 340 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसके बाद इसे लेकर लोकल लेवल पर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

BLO का नाम भी हटाया गया

हैरानी की बात यह है कि हटाए गए नामों में BLO मोहम्मद शफीउल आलम का नाम भी शामिल है। यह पूरा मामला बशीरहाट ब्लॉक II के बोरो गोबरा गांव के बूथ संख्या 5 का है। प्रभावित सभी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं। जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट रोल में इन नामों को Under Adjudication रखा गया था, लेकिन कल शाम 5 बजे जारी अंतिम सूची में इन्हें पूरी तरह हटा दिया गया।

अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप 

इसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों ने बीएलओ के आवास और सड़कों पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें समुदाय के आधार पर निशाना बनाया गया है। प्रभावित मतदाता काजिरुल मंडल ने कहा, "चुनाव आयोग को केवल एक वैध दस्तावेज की आवश्यकता होती है, जबकि हमने 3 से 4 दस्तावेज जमा किए थे। इसके बावजूद हमारे नाम काट दिए गए।"

BLO लेंगे कानूनी रास्ता

BLO शफीउल आलम ने बताया कि उन्होंने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा "मैंने व्यक्तिगत रूप से इन मतदाताओं के फॉर्म भरने और दस्तावेज अपलोड करने में मदद की थी। नियमों का पालन करने के बावजूद चयनात्मक तरीके से नाम हटाए गए हैं। अब मैं इस मामले को कानूनी ट्रिब्यूनल में ले जाऊंगा।"

आंकड़ों का पूरा कैलकुलेशन

  • कुल पंजीकृत मतदाता (बूथ 5): 992

  • मृत्यु/स्थानांतरण के कारण हटाए गए नाम: 38

  • पात्रता जांच के लिए बुलाए गए: 358

  • अंतिम रूप से हटाए गए नाम: 340 (जो पहले 'अंडर एडजुडिकेशन' थे)

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक प्रभाव में आकर यह कार्रवाई की है, ताकि एक विशेष दल को लाभ पहुँचाया जा सके। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है।

 

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