Edited By Tanuja,Updated: 25 Mar, 2026 03:44 PM

ईरान ने JD Vance को वार्ता के लिए प्राथमिकता दी है, जबकि Donald Trump के करीबी सहयोगियों को ठुकरा दिया। यह फैसला दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास और युद्ध खत्म करने के लिए नए चेहरे की तलाश को दर्शाता है।
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ संभावित बातचीत में जे.डी. वैंस (JD Vance) को प्राथमिकता देता है, न कि Donald Trump के करीबी सहयोगियों को। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ट्रंप के दामाद Jared Kushner और विशेष दूत Steve Witkoff के नेतृत्व वाली टीम को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का मानना है कि इन लोगों के साथ बातचीत का कोई फायदा नहीं होगा।
ईरान का यह रुख उसके गहरे अविश्वास को दिखाता है। उसका आरोप है कि पहले भी बातचीत के दौरान अमेरिका ने हमले जारी रखे, जिससे भरोसा पूरी तरह टूट गया। इसलिए अब वह उन्हीं चेहरों के साथ दोबारा बातचीत नहीं करना चाहता। ऐसे में JD Vance को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है, जो मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई के प्रति अपेक्षाकृत कम आक्रामक माने जाते हैं। ईरान को उम्मीद है कि उनके साथ बातचीत से युद्ध खत्म करने की संभावना ज्यादा हो सकती है।
वहीं, Donald Trump ने कहा है कि उनकी पूरी टीम बातचीत में शामिल है और अंतिम फैसला वही करेंगे कि कौन अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेगा। इस बीच Pakistan ने इस बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश “अर्थपूर्ण और निर्णायक बातचीत” कराने के लिए तैयार है। तुर्की, कतर और मिस्र भी संभावित स्थानों में शामिल हैं।कुल मिलाकर, स्थिति ऐसी है कि अभी बातचीत शुरू होने से पहले ही यह तय करने की जंग चल रही है कि मेज पर कौन बैठेगा। ईरान का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह इस बार अपनी शर्तों पर ही बातचीत करना चाहता है।