Edited By Tanuja,Updated: 25 Mar, 2026 04:05 PM

ईरान ने Donald Trump के प्रस्ताव के जवाब में कड़ी शर्तें रखीं अमेरिकी ठिकाने बंद हों, प्रतिबंध हटें और Strait of Hormuz पर नियंत्रण मिले। हालांकि अंदरखाने कुछ नरमी के संकेत भी मिले हैं, जिससे संभावित समझौते की उम्मीद बनी है।
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने युद्धविराम के लिए बेहद सख्त शर्तें सामने रखी हैं।डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के जवाब में तेहरान ने कहा है कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिका को खाड़ी क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकाने बंद करने होंगे। ईरान ने यह भी मांग की है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए उसे मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा उसने इजराइल द्वारा हिज़्बुल्लाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोकने की भी शर्त रखी है।
सबसे अहम मुद्दा Strait of Hormuz को लेकर सामने आया है। ईरान चाहता है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर उसका नियंत्रण हो और यहां से गुजरने वाले जहाजों से वह शुल्क वसूल सके। यह रास्ता दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है, इसलिए इस मांग के बड़े वैश्विक असर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सख्त शर्तों के पीछे Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की मजबूत भूमिका है, जिसने देश की नीतियों पर अपनी पकड़ बढ़ा ली है। हालांकि, सख्त सार्वजनिक रुख के बावजूद कुछ नरमी के संकेत भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकने और यूरेनियम संवर्धन स्तर कम करने पर विचार कर सकता है। साथ ही, वह अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति देने के लिए भी तैयार हो सकता है।
इसके अलावा, ईरान क्षेत्रीय संगठनों जैसे हिज़्बुल्लाह और अन्य समूहों को समर्थन कम करने पर भी बातचीत कर सकता है, अगर व्यापक समझौता होता है। इस बीच, ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि “अमेरिका खुद से ही बातचीत कर रहा है।” यह बयान दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाता है। कुल मिलाकर, स्थिति बेहद जटिल बनी हुई है। एक तरफ कड़ी शर्तें हैं, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे समझौते की संभावना भी दिख रही है। ऐसे में यह साफ है कि आने वाले दिनों में बातचीत आसान नहीं होगी, लेकिन पूरी तरह नामुमकिन भी नहीं है।