Edited By Sahil Kumar,Updated: 27 Jan, 2026 04:46 PM

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इसके तहत यूरोप से आयातित कारों पर लगने वाला भारी टैक्स 110% से घटाकर धीरे-धीरे 10% किया जाएगा। सालाना 2.5 लाख कारों पर रियायती टैरिफ लागू होगा। इससे प्रीमियम...
नेशनल डेस्कः भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस समझौते के तहत भारत में यूरोप से आने वाली प्रीमियम कारों पर लगने वाला भारी इम्पोर्ट टैक्स चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% किया जाएगा। इससे भारतीय ग्राहकों को प्रीमियम कारें कम कीमत पर मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और ऑटो इंडस्ट्री में नई प्रतिस्पर्धा पैदा होगी।
टैरिफ में बड़े स्तर की कटौती
सरकारी बयान के अनुसार, इस समझौते के बाद यूरोपीय कारों पर लगने वाला इम्पोर्ट टैरिफ मौजूदा 110% से घटाकर सिर्फ 10% कर दिया जाएगा। हालांकि यह कटौती चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, ताकि बाजार पर इसका संतुलित असर पड़े। इसके अलावा सालाना 2.5 लाख कारों का कोटा तय किया गया है, जिन पर यह रियायती दर लागू होगी।
ग्राहकों को होगा फायदा
अब तक BMW, Mercedes-Benz, Volkswagen, Skoda और Renault जैसी ब्रांड की कारें भारी टैक्स के कारण महंगी थी। टैरिफ में कटौती के बाद इन कारों की कीमतों में स्पष्ट कमी देखने को मिल सकती है। इसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि उन्हें प्रीमियम टेक्नोलॉजी और वैश्विक मानक की कारें अधिक किफायती दामों पर उपलब्ध होंगी।
भारत–EU व्यापार में मजबूती
FTA के लागू होने से भारत और यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार संबंध और मजबूत होंगे। वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और EU के बीच कुल व्यापार 190 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। इस दौरान भारत ने EU को 75.9 बिलियन डॉलर का सामान और 30 बिलियन डॉलर की सेवाएं निर्यात कीं, जबकि EU ने भारत को 60.7 बिलियन डॉलर का माल और 23 बिलियन डॉलर की सेवाएं भेजीं। विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए विकास के रास्ते खोलेगा।
कारों की कीमतों में गिरावट
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह FTA भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए अब तक की सबसे बड़ी अवसर प्रदान करने वाली पहल है। विदेशी कंपनियां भारत में नए मॉडल लॉन्च करने में आसानी महसूस करेंगी, जबकि घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से ग्राहकों को बेहतर उत्पाद उपलब्ध होंगे। टैरिफ में भारी कटौती के चलते प्रीमियम कारों की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे भारतीय खरीदारों के लिए प्रीमियम कारें खरीदना पहले से आसान होगा।