Edited By Archna Sethi,Updated: 23 Apr, 2026 06:47 PM
चंडीगढ़, 23 अप्रैल: (अर्चना सेठी)शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। मजीठिया ने कहा कि इस समय पंजाब में बिजली की मांग 11000 मेगावाट को पार पहुंचने वाली है और पंजाब में मौसम विभाग के कहे मुताबिक हीटवेव की स्थिति बन चुकी है, लेकिन पंजाब स्टेट पावर कोरपोरेशन लिमिटेड बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने में बुरी तरह विफल हो रहा है। इसके साथ ही राज्य के कई उत्पादन यूनिट भी कथित रूप से बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल पैदा होना शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि “तपते घरों में इस समय पंजाब के लोग रह रहे है , अंधेरे ओर लंबे पावर कटो में रो रहे है—ओर सरकार विदेशों में आराम कर रही है”
भीषण गर्मी के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पंजाब सरकार ने “ऑपरेशन कवर-अप” शुरू कर लोगों को भ्रम में रखा हुआ है कि पंजाब स्टेट पावर कोरपोरेशन लिमिटेड के पास पर्याप्त अतिरिक्त बिजली है। हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
पूरे पंजाब में लंबे-लंबे बिजली कटों ने हाहाकार मचा दिया है और सरकार के दावों की पोल खोल दी है। जो कहते थे कि उन्होंने “पावर कट-लेस पंजाब” बना दिया है, वे जमीनी हकीकत देखें—हर तरफ बिजली कट ही कट हैं।
इस समय पंजाब के लोग भीषण गर्मी में त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, जबकि भगवंत मान अपने मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ विदेशों की ठंडी वादियों में आनंद ले रहे हैं ओर गिलासी खड़का रहे है।
उन्होंने पी एस पी सी एल से मांग की कि पंजाब के लोगों को बिजली की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए ताकि बढ़ती गर्मी के बीच लोग वैकल्पिक इंतजाम कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड की कीमती जमीनों को अंदरखाते अपने चहेतों को कौड़ियों के भाव बेचने की तैयारी की जा रही है, जो पंजाब के खजाने के साथ सीधा धोखा है।
उन्होंने कहा कि अकाली दल सरकार ने नए थर्मल प्लांट लगाकर पंजाब को बिजली सरप्लस राज्य बनाया था और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की थी। खेती, उद्योग और आम लोगों को लगातार बिजली मिलती थी!
उन्होंने मांग की कि पंजाब के लोगों को बिजली की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए ताकि बढ़ती गर्मी के बीच लोग वैकल्पिक इंतजाम कर सकें। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता 12-12 घंटे की बिजली कटौती झेलने को मजबूर है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान और बिजली मंत्री विदेशों में ठंडी जगहों पर अपने करीबियों के साथ आनंद ले रहे हैं।
मजीठिया ने कहा कि ईडी को बिजली मंत्री द्वारा बिजली बोर्ड की जमीनों के जरिए मिलीभगत से राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने और अपने चहेतों को लाभ देने के आरोपों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन जमीनों को सस्ते में बेचकर बड़े घोटाले की तैयारी की जा रही है और इसमें उच्च स्तर की मिलीभगत की आशंका है।
उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी जमीनें तक बेचने लगे, तो ऐसे माहौल में निवेश और उद्योग कैसे आएगा?
सिद्धू मूसेवाला मामले पर मजीठिया ने कहा कि किसी भी अपराधी को फिल्मों या डॉक्यूमेंट्री के जरिए हीरो के रूप में पेश करना गलत है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सीरीज बनती है तो उसमें यह भी दिखाया जाना चाहिए कि लॉरेंस के साथ किन-किन लोगों की मिलीभगत थी और कैसे सुरक्षा हटाने की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद मूसेवाला को निशाना बनाया गया।
अमृतपाल सिंह पर एनएसए हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अकाली दल हमेशा मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जवाब राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को देना चाहिए, जिन्होंने मिलकर कार्रवाई की थी।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल द्वारा नशों को लेकर की गई गलत बयानबाजी पर माफी मांगी जा चुकी है और जो बाकी लोग हैं, वे भी जल्द सच्चाई स्वीकार करेंगे।