Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Feb, 2026 08:49 AM

चकाचौंध भरी बॉलीवुड की दुनिया में विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में मशहूर जासूस नमन जैन ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने इंडस्ट्री के बंद कमरों के राज खोल दिए हैं। एक इंटरव्यू में नमन जैन ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया, जहां बॉलीवुड की एक टॉप...
नेशनल डेस्क: चकाचौंध भरी बॉलीवुड की दुनिया में विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में मशहूर जासूस नमन जैन ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने इंडस्ट्री के बंद कमरों के राज खोल दिए हैं। एक इंटरव्यू में नमन जैन ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया, जहां बॉलीवुड की एक टॉप 'ए-लिस्टर' अभिनेत्री और एक बड़े उद्योगपति की बेटी एक बड़ी साजिश का शिकार होते-होते बचीं। यह कहानी गोवा की एक बैचलर पार्टी से शुरू होती है और एक खतरनाक ब्लैकमेलिंग के जाल तक जा पहुंचती है।
गोवा की वो रात और अनचाहा मोड़
नमन जैन के अनुसार, मामला एक हाई-प्रोफाइल शादी से पहले की बैचलर पार्टी का है। एक दिग्गज उद्योगपति की बेटी ने गोवा के एक निजी विला में अपनी सहेलियों के लिए पार्टी रखी थी। इन सहेलियों में उसकी बचपन की दोस्त भी शामिल थी, जो आज बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। पार्टी का माहौल तब गर्म हो गया जब वहां दो पुरुषों को बुलाया गया, जिन्हें 'मॉडल' बताया गया था लेकिन असल में वे मेल एस्कॉर्ट्स थे। नमन बताते हैं कि अभिनेत्री को इस बात का अंदाजा नहीं था, लेकिन नशे और संगीत के माहौल में वह भी अनजाने में उनके साथ शामिल हो गई।
हिडन कैमरा और 15 सेकंड का वो वीडियो
असली मुसीबत तब शुरू हुई जब ये लड़कियां वापस लौट आईं। कुछ दिनों बाद उद्योगपति की बेटी के पास एक अनजान कॉल आया। फोन करने वाला वही डांसर था, जो अब मोटी रकम और भारी टिप की मांग कर रहा था। जब लड़की ने इनकार किया, तो उसने सबूत के तौर पर 15 सेकंड की एक ऐसी वीडियो क्लिप भेजी जिसमें वह लड़की और बॉलीवुड एक्ट्रेस उन पुरुषों के बेहद करीब नजर आ रहे थे। जांच में सामने आया कि उन पुरुषों की जैकेट में गुप्त कैमरे छिपे हुए थे, जिनसे उन्होंने सारा माजरा रिकॉर्ड कर लिया था।
जासूसी और सियासी रसूख से सुलझा मामला
जैसे ही यह बात अभिनेत्री तक पहुंची, वह बुरी तरह घबरा गईं। उन्हें डर था कि अगर यह वीडियो सार्वजनिक हुआ तो उनका सालों का करियर मिट्टी में मिल जाएगा। बदनामी के डर से वे पुलिस के पास नहीं जा सकती थीं, इसलिए अभिनेत्री ने अपने मैनेजर के जरिए नमन जैन से संपर्क किया। गोपनीयता बनाए रखने के लिए पहले 'एनडीए' (NDA) साइन किया गया और फिर ऑपरेशन शुरू हुआ। जासूसी टीम को पता चला कि ब्लैकमेल करने वाले लोग साइबर अपराध के लिए कुख्यात इलाके से ताल्लुक रखते थे। अंततः, अपनी टीम और राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए नमन जैन ने न केवल उन लड़कों को पकड़ा, बल्कि सारा डिजिटल डेटा और सबूत भी पूरी तरह नष्ट कर दिया।