Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Feb, 2026 05:31 PM

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर मैडम सिद्धू को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और मैडम सिद्धू के बीच बयानबाज़ी अब तीखे आरोप-प्रत्यारोप में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वडिंग ने मैडम सिद्धू पर सीधा और कड़ा हमला बोलते हुए कहा...
पंजाब डैस्क : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर मैडम सिद्धू को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और मैडम सिद्धू के बीच बयानबाज़ी अब तीखे आरोप-प्रत्यारोप में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वडिंग ने मैडम सिद्धू पर सीधा और कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नवजोत कौर सिद्धू को मानसिक इलाज की जरूरत है।
राजा वडिंग ने अपने बयान में कहा कि जब किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक न हो, तो उसकी बातों को गंभीरता से लेने या उस पर गुस्सा करने का कोई मतलब नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति पार्टी में ही नहीं है, वह कांग्रेस से इस्तीफा कैसे दे सकता है। राजा वडिंग के मुताबिक, मैडम सिद्धू को तो पहले ही कांग्रेस से बाहर किया जा चुका था, ऐसे में उनके इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं बनता।
दरअसल, पूरा विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब मैडम सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई और इसे कांग्रेस के भीतर एक नए विवाद के रूप में देखा जाने लगा।
राजा वडिंग ने आगे कहा कि मैडम सिद्धू के बयान केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश हैं और कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी ऐसे बयानों से न तो डरती है और न ही विचलित होती है।
वहीं दूसरी ओर, मैडम सिद्धू भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाती है, तो नवजोत सिद्धू कांग्रेस में जरूर वापस लौटेंगे। उनके इस बयान ने एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुल मिलाकर, मैडम सिद्धू को लेकर छिड़ा यह सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस विवाद को कैसे संभालती है और क्या यह बयानबाज़ी पार्टी की राजनीति पर कोई बड़ा असर डालती है या नहीं।